अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन (AHA) ने हाल ही में हृदय स्वास्थ्य को लेकर डाइट से जुड़ी एक महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है। एसोसिएशन के अनुसार, स्वस्थ दिल के लिए लोगों को अपनी डाइट में डेयरी फैट (दूध, मक्खन, घी) की मात्रा कम करनी चाहिए और उसकी जगह प्लांट बेस्ड प्रोटीन को प्राथमिकता देनी चाहिए।
इस विषय पर विस्तार से जानकारी देते हुए RML हॉस्पिटल, नई दिल्ली के मेडिसिन विभाग के यूनिट हेड डॉ. सुभाष गिरि ने बताया कि आखिर क्यों पौधों से मिलने वाला प्रोटीन हमारे शरीर और विशेषकर हमारे दिल के लिए ज्यादा फायदेमंद है।
क्या होता है प्लांट बेस्ड प्रोटीन?
डॉ. सुभाष गिरि के अनुसार, प्लांट बेस्ड प्रोटीन वह प्रोटीन है जो हमें सीधे पौधों से प्राप्त होता है। इसमें शरीर के लिए आवश्यक कई तरह के एमिनो एसिड, फाइबर और विटामिन्स प्रचुर मात्रा में होते हैं। पशुओं से मिलने वाले प्रोटीन की तुलना में इसमें सैचुरेटेड फैट बहुत कम होता है, जो इसे दिल के मरीजों और मोटापे से जूझ रहे लोगों के लिए एक सुरक्षित विकल्प बनाता है।
इन चीजों में भरपूर मिलता है प्लांट बेस्ड प्रोटीन:
यदि आप अपनी डाइट में बदलाव करना चाहते हैं, तो इन खाद्य पदार्थों को शामिल कर सकते हैं:
- दालें: मूंग, मसूर, अरहर आदि।
- फलियां: चना, राजमा, लोबिया।
- सोया उत्पाद: सोयाबीन, टोफू।
- सूखे मेवे: बादाम, अखरोट।
- बीज: चिया सीड्स, अलसी के बीज।
- अनाज: क्विनोआ, ब्राउन राइस।
डेयरी प्रोटीन बनाम प्लांट बेस्ड प्रोटीन: कौन है बेहतर?
डॉ. सुभाष ने दोनों के बीच के अंतर को स्पष्ट करते हुए प्लांट बेस्ड प्रोटीन के फायदों को गिनाया है:
विशेषता | डेयरी प्रोटीन (पशु आधारित) | प्लांट बेस्ड प्रोटीन (पौधों आधारित) |
फैट की मात्रा | सैचुरेटेड फैट अधिक होता है, जो कोलेस्ट्रॉल बढ़ा सकता है। | फैट की मात्रा बहुत कम होती है, दिल के लिए सुरक्षित। |
फाइबर | फाइबर की कमी होती है। | फाइबर भरपूर होता है, जिससे पेट लंबे समय तक भरा रहता है। |
पाचन | लैक्टोज इंटॉलरेंस के कारण पाचन संबंधी समस्या हो सकती है। | पचाने में आसान और मेटाबॉलिज्म के लिए अच्छा। |
वजन नियंत्रण | अधिक सेवन से मोटापा बढ़ने का खतरा। | ओवरईटिंग को रोकने और वजन घटाने में सहायक। |
इन बातों का रखें विशेष ध्यान
प्लांट बेस्ड डाइट के कई फायदे हैं, लेकिन डॉ. गिरि ने एक महत्वपूर्ण सावधानी भी बरतने की सलाह दी है:
- पोषक तत्वों की कमी: जो लोग पूरी तरह से शाकाहारी या प्लांट बेस्ड डाइट पर शिफ्ट होते हैं, उनमें अक्सर विटामिन B12 और आयरन की कमी देखी जा सकती है। इसकी पूर्ति के लिए सप्लीमेंट्स या अन्य स्रोतों पर ध्यान देना जरूरी है।
- डॉक्टर की सलाह: हर व्यक्ति की शारीरिक जरूरतें अलग होती हैं। यदि आप लंबे समय से डेयरी प्रोडक्ट्स का सेवन कर रहे हैं और अब अचानक अपनी डाइट बदलना चाहते हैं, तो एक बार अपने डॉक्टर या विशेषज्ञ से परामर्श जरूर लें।
निष्कर्ष: अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन की यह सलाह उन लोगों के लिए बेहद जरूरी है जिन्हें हार्ट संबंधी बीमारियों का रिस्क अधिक है। अपनी थाली में दालों और चने को जगह देकर आप न केवल अपना वजन कंट्रोल कर सकते हैं, बल्कि अपने दिल को भी लंबी उम्र दे सकते हैं।











