भारतीय बैंकिंग क्षेत्र में एक बड़ी हलचल पैदा करते हुए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने पेटीएम पेमेंट्स बैंक लिमिटेड (PPBL) के खिलाफ अब तक की सबसे कड़ी कार्रवाई की है। केंद्रीय बैंक ने शुक्रवार को एक आधिकारिक आदेश जारी करते हुए पेटीएम पेमेंट्स बैंक का बैंकिंग लाइसेंस तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया है। आरबीआई का यह फैसला बैंकिंग रेगुलेशन एक्ट के प्रावधानों के तहत लिया गया है, जिसके बाद अब यह संस्थान किसी भी प्रकार की बैंकिंग गतिविधियों का संचालन नहीं कर पाएगा।
रिजर्व बैंक ने अपनी जांच में पाया कि पेटीएम पेमेंट्स बैंक का कामकाज और इसका मौजूदा मैनेजमेंट आम जनता के हितों के अनुरूप नहीं था। बैंक पर लाइसेंस की शर्तों के गंभीर उल्लंघन और नियामक दिशा-निर्देशों की लगातार अनदेखी करने के आरोप हैं। आरबीआई के अनुसार, बैंक को अपनी कार्यप्रणाली सुधारने के पर्याप्त अवसर दिए गए थे, लेकिन संतोषजनक सुधार न होने के कारण यह कठोर कदम उठाना अनिवार्य हो गया था।
गौरतलब है कि पेटीएम पेमेंट्स बैंक पिछले काफी समय से केंद्रीय बैंक की रडार पर था। नियामक कार्रवाई का सिलसिला 11 मार्च 2022 को शुरू हुआ था, जब बैंक पर नए ग्राहक जोड़ने की पाबंदी लगाई गई थी। इसके बाद भी स्थिति में सुधार न होने पर आरबीआई ने बैंक के खातों में नई जमा राशि स्वीकार करने, क्रेडिट लेनदेन और वॉलेट टॉप-अप जैसी सेवाओं पर भी रोक लगा दी थी। अब लाइसेंस पूरी तरह रद्द होने से बैंक का भविष्य अनिश्चितता के घेरे में आ गया है।
इस फैसले का सीधा असर बैंक के मौजूदा ग्राहकों पर पड़ेगा, क्योंकि अब वे सामान्य बैंकिंग सेवाओं का लाभ नहीं उठा सकेंगे। हालांकि, आरबीआई ने स्पष्ट किया है कि यह कदम वित्तीय अनुशासन और ग्राहकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है। लाइसेंस रद्द होने के बाद अब पेटीएम पेमेंट्स बैंक को एक बैंकिंग इकाई के रूप में अपनी सभी गतिविधियों को स्थायी रूप से बंद करना होगा।








