(आशीष प्रसाद, संवाददाता, रांची)
रांची - झारखंड में मतदाता गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया शुरू होते ही सियासत भी गर्म हो गई है। आरोप-प्रत्यारोप के बीच SIR अब राजनीतिक लड़ाई का नया मुद्दा बन गया है।
बीजेपी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश ने चुनाव आयोग का आभार जताते हुए कहा कि इस अभियान से शुद्ध मतदाता ही भारत और झारखंड का भाग्य निर्माता बनेगा। उन्होंने बांग्लादेशी घुसपैठ का मुद्दा उठाते हुए कांग्रेस, जेएमएम और आरजेडी पर तुष्टिकरण की राजनीति का आरोप लगाया।
वहीं बीजेपी के इस बयान पर कांग्रेस ने भी जोरदार पलटवार किया। प्रदेश मीडिया प्रभारी राकेश सिन्हा ने कहा कि कांग्रेस हर बूथ पर नजर रखेगी और किसी भी वैध मतदाता का नाम कटने नहीं दिया जाएगा। उन्होंने बीजेपी पर राजनीतिक बेचैनी का आरोप लगाते हुए कहा कि जनता उनके मंसूबों को सफल नहीं होने दे रही है।
कुल मिला कर कहा जाए तो मतदाता सूची का गहन पुनरीक्षण एक प्रशासनिक प्रक्रिया है। लेकिन झारखंड की राजनीति में यह एक बड़ा सियासी मुद्दा बन चुका है। एक ओर बीजेपी इसे लोकतंत्र की शुद्धि का अभियान बता रही है, तो दूसरी ओर कांग्रेस वोटरों के अधिकारों की लड़ाई का दावा कर रही है।







