(प्रमोद खंडेलवाल, संवाददाता, हजारीबाग)
हजारीबाग - झारखंड के उत्तरी छोटानागपुर प्रमंडल का सबसे बड़ा अस्पताल शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल, इन दिनों बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था की तस्वीर पेश कर रहा है। करोड़ों रुपये का बजट, बड़े-बड़े जेनरेटर और सोलर सिस्टम होने के बावजूद अस्पताल में बिजली कटते ही मरीज उमस भरी गर्मी में तड़पने को मजबूर हैं।
आलम यह है कि मरीजों को राहत देने के लिए परिजन घर से टेबल फैन और हाथ से चलने वाले पंखे लेकर अस्पताल पहुंच रहे हैं। अस्पताल में भर्ती मरीजों का कहना है कि गर्मी के कारण हमारी हालत और बिगड़ रही है, लेकिन अस्पताल प्रबंधन इस ओर गंभीर नजर नहीं आ रहा है।
मरीजों के परिजनों का आरोप है कि एक वार्ड में 14 से 15 बेड लगाए गए हैं। लेकिन वहां केवल 2 या 3 सीलिंग फैन लगे हैं, जिनमें से कई खराब पड़े हैं। परिजनों ने आगे कहा कि हर साल अस्पताल को करोड़ों रुपये का बजट मिलता है। इसके बावजूद बिजली कटते ही पूरा अस्पताल अंधेरे और उमस में डूब जाता है।
इस पूरे मामले पर जब शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल के डीएस डॉ. राजकिशोर से बात की गई। तो उन्होंने बिजली कटौती और डीजल की कमी का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि अस्पताल के कई वार्डों में पंखे खराब हैं, जिनकी मरम्मत की प्रक्रिया चल रही है।
हजारीबाग में इन दिनों तापमान 40 से 42 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। ऐसे में जहां आम लोग सड़क पर निकलने से परेशान हैं, वहीं अस्पताल में भर्ती मरीजों की हालत और भी बदतर हो गई है। यह तस्वीर स्वास्थ्य विभाग के साथ साथ राज्य में बेहतर स्वास्थ्य व्यवस्था के दावों की पोल खोल रही है। अब देखना होगा कि सरकार और स्वास्थ्य विभाग इस बदहाल व्यवस्था पर कब संज्ञान लेते हैं।









