रांची: झारखंड में भ्रष्टाचार के विरुद्ध मुहिम को अब एक नई गति मिलने की उम्मीद जगी है। राज्य के नवनियुक्त लोकायुक्त जस्टिस अमिताभ कुमार गुप्ता ने अपने पद की शपथ लेने के साथ ही कड़े तेवर दिखा दिए हैं। पदभार ग्रहण करते ही उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि उनकी सबसे बड़ी प्राथमिकता राज्य में लंबित पड़े भ्रष्टाचार के मामलों का त्वरित निष्पादन करना है। विशेष रूप से उनका ध्यान उन 3000 पुराने मामलों पर है जो लंबे समय से फाइलों में दबे हुए हैं।
राजभवन में शपथ ग्रहण समारोह के बाद जस्टिस गुप्ता सीधे लोकायुक्त कार्यालय पहुंचे। वहां उन्होंने न केवल कार्यभार संभाला, बल्कि पूरे कार्यालय परिसर का बारीकी से निरीक्षण भी किया। इस दौरान उन्होंने कोर्ट रूम से लेकर विभिन्न अनुभागों का जायजा लिया ताकि कामकाज की जमीनी हकीकत और बुनियादी ढांचे को समझा जा सके। पद संभालते ही सक्रियता दिखाते हुए उन्होंने लोकायुक्त अधिनियम की प्रति मंगवाई और कानूनी प्रक्रियाओं का गहन अध्ययन शुरू कर दिया, जिससे यह संकेत मिलता है कि आगामी दिनों में भ्रष्टाचार के खिलाफ कानूनी कार्रवाई में तेजी आएगी।
मीडिया कर्मियों से मुखातिब होते हुए जस्टिस गुप्ता ने कहा कि फिलहाल वह व्यवस्थाओं को समझने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन उनका लक्ष्य बिल्कुल स्पष्ट है। उन्होंने स्वीकार किया कि राज्य में भ्रष्टाचार से जुड़ी शिकायतों का अंबार लगा है और हजारों मामले सुनवाई के इंतजार में हैं। उन्होंने जनता को भरोसा दिलाया कि इन पुराने मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाएगा ताकि दोषियों पर लगाम कसी जा सके और आम नागरिकों को समय पर न्याय मिल सके। जस्टिस गुप्ता की इस तत्परता ने प्रशासन और भ्रष्टाचार में संलिप्त तत्वों के बीच हलचल पैदा कर दी है।









