रांची/डेस्क: झारखंड सरकार ने एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक निर्णय लेते हुए पंचम राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष और गैर-पदेन सदस्यों के कार्यकाल को आगे बढ़ा दिया है। इस विस्तार के बाद अब आयोग अपनी अंतिम रिपोर्ट 30 सितंबर 2027 तक राज्य सरकार को सौंप सकेगा। राज्यपाल की स्वीकृति मिलने के बाद वित्त विभाग ने इस संबंध में आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है। दरअसल, तय समय सीमा के भीतर आयोग की अंतिम रिपोर्ट सरकार को प्रस्तुत नहीं की जा सकी थी, जिसके चलते प्रशासनिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है।
इस निर्णय से आयोग के नेतृत्वकर्ताओं का कार्यकाल अब काफी बढ़ गया है। आयोग के अध्यक्ष अमरेन्द्र प्रताप सिंह, जिन्होंने 26 फरवरी 2024 को पदभार ग्रहण किया था, उनका कार्यकाल पहले 25 फरवरी 2026 तक ही निर्धारित था। इसी तरह, आयोग के सदस्य हरीश्वर दयाल ने 5 मार्च 2024 को कार्यभार संभाला था और उनका कार्यकाल 4 मार्च 2026 को समाप्त होने वाला था। अब सरकार के नए आदेश के बाद इन दोनों का ही कार्यकाल बढ़ाकर 30 सितंबर 2027 तक कर दिया गया है। इस बीच, पंचायती राज विभाग के निदेशक पहले की तरह ही आयोग में पदेन सदस्य के रूप में अपनी भूमिका निभाते रहेंगे।
भारतीय संविधान के अनुच्छेद 243-I और 243-Y के तहत गठित यह आयोग राज्य के त्रिस्तरीय ग्रामीण और शहरी स्थानीय निकायों की वित्तीय स्थिति को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाता है। आयोग का मुख्य काम ग्राम पंचायतों, पंचायत समितियों, जिला परिषदों और नगर निकायों की आर्थिक स्थिति की गहन समीक्षा करना है। इसके आधार पर आयोग टैक्स राजस्व में इन स्थानीय निकायों की हिस्सेदारी तय करने और उनकी वित्तीय स्थिति को बेहतर बनाने के लिए राज्य सरकार को जरूरी सुझाव और सिफारिशें देता है। कार्यकाल बढ़ने से अब आयोग को राज्य के स्थानीय निकायों की वित्तीय व्यवस्था का अधिक व्यापक और सटीक मूल्यांकन करने का पर्याप्त समय मिल सकेगा।










