गिरिडीह। झारखंड के गिरिडीह जिले से मानवता और शिक्षा जगत को शर्मसार करने वाली एक हृदयविदारक घटना सामने आई है। यहाँ एक निजी स्कूल के संचालक सह प्रिंसिपल पर अपनी ही नाबालिग छात्रा के साथ पिछले छह महीनों से यौन उत्पीड़न करने का गंभीर आरोप लगा है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी प्रिंसिपल को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया है, लेकिन इस घटना ने शिक्षण संस्थानों में बच्चों की सुरक्षा पर एक बड़ा प्रश्नचिन्ह खड़ा कर दिया है।
छह महीने से चल रहा था प्रताड़ना का सिलसिला
जानकारी के अनुसार, आरोपी प्रिंसिपल पिछले आधे साल से छात्रा को अपनी हवस का निशाना बनाने की कोशिश कर रहा था। पीड़ित छात्रा ने बताया कि जब भी उसने इन घिनौनी हरकतों का विरोध किया, तो आरोपी उसे स्कूल से निकाल देने और करियर बर्बाद करने की धमकी देकर चुप करा देता था। लोक-लाज और भविष्य के डर से छात्रा लंबे समय तक इस मानसिक और शारीरिक पीड़ा को सहती रही।
22 अप्रैल की घटना के बाद खुला मामला
धैर्य का बांध तब टूटा जब 22 अप्रैल को छात्रा अपनी मार्कशीट लेने के लिए प्रिंसिपल के कक्ष में गई थी। आरोप है कि मार्कशीट देने के बहाने आरोपी ने छात्रा को दोबारा अपने कमरे में बुलाया और उसका मुंह दबाकर उसके साथ अश्लील हरकतें कीं। इस घटना से सहमी छात्रा ने अंततः हिम्मत जुटाई और घर पहुँचकर अपने परिजनों को आपबीती सुनाई।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई और गिरफ्तारी
मामले की गंभीरता को देखते हुए परिजन तुरंत पचम्बा थाना पहुंचे। छात्रा के बयान के आधार पर पुलिस ने तत्काल प्राथमिकी दर्ज की। गिरिडीह एसपी डॉ. विमल कुमार के सख्त निर्देश पर थाना प्रभारी राजीव कुमार ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी प्रिंसिपल को धर दबोचा। कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद आरोपी को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
समाज में भारी आक्रोश और सुरक्षा पर सवाल
इस शर्मनाक घटना की खबर फैलते ही स्थानीय लोगों और अभिभावकों में जबरदस्त उबाल देखा जा रहा है। वार्ड पार्षद सहित समाज के विभिन्न वर्गों ने इस कृत्य की घोर निंदा करते हुए आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि स्कूलों में ही बच्चे सुरक्षित नहीं रहेंगे, तो अभिभावक किस पर भरोसा करेंगे। फिलहाल पुलिस मामले के हर पहलू की गहराई से जांच कर रही है ताकि पीड़िता को उचित न्याय मिल सके।











