दिल हमारे शरीर का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है जिसका ख्याल रखना स्वस्थ जीवन जीने के लिए बेहद आवश्यक है। यह केवल रक्त संचार का माध्यम नहीं है, बल्कि हमारी भावनाओं और संवेदनाओं का केंद्र भी माना जाता है। जब भी हमारी धड़कनें तेज होती हैं या हम मानसिक रूप से उदास महसूस करते हैं, तो इसका सीधा असर हमारे दिल पर पड़ता है, इसलिए इसके संकेतों को समझना जरूरी है। हमारा दिल शरीर की एक ऐसी निरंतर चलने वाली मशीन है जो हमें जीवित बनाए रखती है। यह बिना किसी विश्राम के दिन-रात अपना कार्य करती रहती है, परंतु यदि किसी कारणवश यह मशीन रुक जाए, तो जीवन का पहिया भी वहीं थम जाता है। शरीर के प्रत्येक अंग को क्रियाशील और स्वस्थ रखने के लिए दिल को पूरे दिन लगातार खून पंप करना पड़ता है, जिससे ऊर्जा का प्रवाह बना रहता है।
यदि हम दिल की कार्यक्षमता के आंकड़ों पर नजर डालें, तो फोर्टिस एस्कॉर्ट्स हार्ट इंस्टीट्यूट के चेयरमैन और विख्यात डॉक्टर अशोक सेठ के अनुसार, एक सामान्य स्वस्थ व्यक्ति का दिल एक मिनट में लगभग 80 से 100 बार धड़कता है। यदि हम 80 की धड़कन को एक औसत मानक के रूप में लें, तो इसका अर्थ यह हुआ कि हमारा दिल हर एक सेकंड में एक बार से भी अधिक धड़कता है। इस एक मिनट के अल्प समय में ही यह शक्तिशाली अंग लगभग 5 लीटर खून को पूरे शरीर में पंप कर देता है, जो इसकी अद्भुत कार्यक्षमता और शक्ति को दर्शाता है।
समय के बड़े अंतराल में दिल की मेहनत और भी विस्मयकारी नजर आती है। एक सामान्य इंसान का दिल एक पूरे दिन में करीब 1 लाख बार धड़कता है। इस गति से गणना की जाए, तो एक वर्ष की अवधि में यह दिल लगभग 365 लाख बार धड़कने का कार्य संपन्न करता है। यदि कोई व्यक्ति 80 वर्ष की आयु तक जीवित रहता है, तो उसके पूरे जीवनकाल में उसका दिल अविश्वसनीय रूप से करीब 292 करोड़ बार धड़कता है। यह आंकड़े इस बात का प्रमाण हैं कि ईश्वर ने हमें कितना मजबूत और सक्षम अंग प्रदान किया है जिसके दम पर हमारी सांसे चल रही हैं। इन्हीं कारणों से आज के समय में दिल की सेहत की निगरानी करना बहुत अनिवार्य हो गया है।
दिल को लंबी उम्र तक मजबूत और सक्रिय बनाए रखने के लिए नियमित व्यायाम को सबसे महत्वपूर्ण माना गया है। हर व्यक्ति को अपनी दिनचर्या में किसी न किसी प्रकार की शारीरिक गतिविधि को अवश्य स्थान देना चाहिए, जिसमें रनिंग, जॉगिंग और कार्डियो एक्सरसाइज को हृदय स्वास्थ्य के लिए सर्वोत्तम माना जाता है। व्यायाम के साथ-साथ खान-पान की आदतों में सुधार भी उतना ही जरूरी है। कच्चे खाद्य पदार्थ जिन्हें 'रॉ फूड' कहा जाता है, उनका सेवन और आहार में तेल एवं चीनी की मात्रा को न्यूनतम रखना दिल के लिए बहुत फायदेमंद साबित होता है। इसके अलावा फल और सब्जियों का प्रचुर मात्रा में सेवन करना चाहिए। अपने वजन को नियंत्रित रखकर तथा डायबिटीज और कोलेस्ट्रॉल जैसी समस्याओं से बचकर आप अपने दिल को स्वस्थ रख सकते हैं, जिससे वह सुचारू रूप से खून पंप करता रहे।
Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारी और सुझाव सामान्य जागरूकता के लिए हैं। किसी भी स्वास्थ्य संबंधी प्रोग्राम, डाइट में बदलाव या बीमारी के उपचार से पहले अपने चिकित्सक की सलाह लेना अनिवार्य है। N भारत 24 इस जानकारी की पूर्ण प्रामाणिकता का दावा नहीं करता है।










