(दीनानाथ मौआर, संवाददाता, औरंगाबाद)
औरंगाबाद - बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण एवं पटना उच्च न्यायालय के निर्देश पर व्यवहार न्यायालय औरंगाबाद में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 को 'योग उत्सव' के रूप में मनाया गया। कार्यक्रम प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकार राजीव रंजन कुमार के नेतृत्व में नव निर्मित भवन के बेसमेंट में आयोजित हुआ।
योग सत्र से पहले प्रधान जिला जज राजीव रंजन कुमार और अन्य न्यायाधीशों ने सामूहिक रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया। इसके बाद सभी ने एक साथ योगाभ्यास किया। अपने संबोधन में प्रधान जिला जज राजीव रंजन कुमार ने कहा कि योग आदि काल से भारत की परंपरा और ऋषि-मुनियों का हिस्सा रहा है। आज यह अपनी वैश्विक पहचान बना चुका है। मानव के सुखी और निरोगी जीवन के लिए योग जरूरी है। इसी महत्व को देखते हुए संयुक्त राष्ट्र संघ ने 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस घोषित किया है। आगे उन्होंने कहा कि योग सिर्फ बीमारियों से लड़ने की क्षमता नहीं बढ़ाता, बल्कि मानसिक तनाव से भी मुक्ति दिलाता है। इसलिए हर व्यक्ति को योग अपने दिनचर्या में शामिल करने की अपील की।
इस दौरान जिला विधिक सेवा प्राधिकार की सचिव तान्या पटेल, प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय अरुण कुमार, जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश विश्व विभूति गुप्ता, अशोक कुमार गुप्ता, लक्ष्मीकांत मिश्रा, संतोष कुमार झा, कन्हैया लाल यादव, विवेक कुमार सिंह सहित अन्य मौजूद रहे।









