(आशीष प्रसाद, संवाददाता, रांची)
रांची - बारिश की बूंदों के बीच रविवार को रांची का ऐतिहासिक मोरहाबादी मैदान आदिवासी अधिकारों की आवाज से गूंजता रहा। प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों से इस महाजुटान रैली में शामिल होने के लिए पहुंचे लोगों ने परिसीमन के सवाल पर एकजुटता दिखाई। मंच से कांग्रेस के नेताओं और सभा की अगुवाई कर रहे पूर्व शिक्षा मंत्री बंधु तिर्की ने साफ कहा कि आने वाले परिसीमन में आदिवासी समाज की राजनीतिक हिस्सेदारी किसी भी कीमत पर कम नहीं होने दी जाएगी। नेताओं ने इसे महज चुनावी गणित का विषय मानने के बजाय आदिवासी समाज के भविष्य और उसकी राजनीतिक ताकत से जुड़ा सवाल बताया।
आदिवासी नेताओं का कहना था कि आरक्षित सीटों की संख्या यदि जनसंख्या के बदलते अनुपात के साथ घटती गई, तो इसका सीधा असर आदिवासी समाज की राजनीतिक आवाज पर पड़ेगा। सभा में मौजूद नेताओं ने इसके खिलाफ आंदोलन को आगे बढ़ाने की बात कही।








