(रमण कुमार, संवाददाता, मधेपुरा)
मधेपुरा - मधेपुरा जिले के ग्वालपाड़ा प्रखंड मुख्यालय में गुरुवार को भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) ने सरकार की नीतियों के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। ढोल-नगाड़ों और पारंपरिक तीर-धनुष के साथ बड़ी संख्या में भाकपा कार्यकर्ता प्रखंड सह अंचल कार्यालय पहुंचे और भूमिहीनों को जमीन, आदिवासियों के अधिकार, भ्रष्टाचार, बढ़ते अपराध और जल-जंगल-जमीन की सुरक्षा को लेकर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
धरना-प्रदर्शन को संबोधित करते हुए भाकपा के राष्ट्रीय परिषद सदस्य प्रमोद प्रभाकर ने राज्य और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि महंगाई, बेरोजगारी, पलायन, पेपर लीक और भ्रष्टाचार से आम लोग परेशान हैं। जबकि सरकार जनहित के बजाय कॉरपोरेट हितों को प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने कहा कि आदिवासियों, दलितों और भूमिहीन परिवारों को आज भी जमीन का अधिकार नहीं मिल पाया है और बिना वैकल्पिक व्यवस्था गरीबों के घरों पर बुलडोजर चलाया जा रहा है। भाकपा नेताओं ने ग्वालपाड़ा के शाहपुर संथाली टोला, अरार संथाली टोला और ग्वालपाड़ा संथाली टोला में वर्षों से जोत-आबाद की जा रही जमीन का बंदोबस्ती करने, भूमिहीन परिवारों को वासगीत पर्चा देने और आदिवासी युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने की मांग उठाई। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांगों की अनदेखी जारी रही तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
कार्यक्रम के अंत में भाकपा के प्रतिनिधिमंडल ने प्रखंड विकास पदाधिकारी को नौ सूत्री मांगों का ज्ञापन सौंपा और चेतावनी दी कि मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।








