(रमण कुमार, संवाददाता, मधेपुरा)
मधेपुरा - मधेपुरा नगर परिषद शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाने के लाख दावे करती है। लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही कहानी बयां कर रही है। नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड नंबर-2 स्थित महादलित बस्ती के लोग वर्षों से जलजमाव, गंदगी और बदबू के बीच जिंदगी गुजारने को मजबूर हैं। घरों के सामने जमा गंदा पानी, बंद पड़ा सार्वजनिक शौचालय और कूड़े के ढेर लोगों के लिए परेशानी ही नहीं, बल्कि बीमारी और मौत को भी न्योता दे रहे हैं।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि कई बार शिकायतों के बावजूद प्रशासन और नगर परिषद की ओर से कोई ठोस पहल नहीं की गई। हालात ऐसे हैं कि लोगों को अपने ही घरों से निकलने में परेशानी होती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जलनिकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण नालियों का पानी घरों के सामने जमा रहता है। गर्मी के मौसम में बदबू और मच्छरों का प्रकोप बढ़ जाता है। इसके बावजूद हमारी समस्या के समाधान के लिए अब तक कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया है। लोगों का कहना है कि अगर उनकी समस्या का जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे।








