(दीनानाथ मौआर, संवाददाता, औरंगाबाद)
औरंगाबाद - बिहार सरकार भले ही विकास के लाख दावे करे, लेकिन औरंगाबाद का सरकारी बस स्टैंड आज भी उन दावों की पोल खोल रहा है। ऐतिहासिक गांधी मैदान के पास बना यह बस पड़ाव कभी अपनी बेहतरीन सुविधाओं के लिए जाना जाता था, मगर रखरखाव के अभाव में अब कूड़ेदान में तब्दील हो चुका है।
पहले यहां कार्यालय, अतिथिगृह, यात्री शेड, बसों की मरम्मत के लिए गैराज, स्वच्छ शौचालय और पेयजल की उत्तम व्यवस्था थी। सैकड़ों यात्री रोज यहां शरण लेते थे। लेकिन देखरेख न होने से आज भवन जर्जर हो चुका है। अतिथिगृह खंडहर बन गया है और पूरा परिसर कचरे से पटा पड़ा है। बदबू से यात्रियों का बुरा हाल है।
मौके पर मौजूद यात्रियों ने बताया कि बस स्टैंड पर फैली गंदगी और दुर्गंध के कारण यहां खड़ा होना भी मुश्किल है। पीने के पानी तक की व्यवस्था नहीं है। कुल मिला कर कहें तो यहां मूलभूत सुविधाएं पूरी तरह ठप हैं। साथ ही कहा कि बस स्टैंड की दुर्दशा पूरे शहर की छवि खराब कर रही है, जल्द इसकी स्थिति में सुधार की जानी चाहिए।








