धनबाद - बड़ापिछरी पंचायत की मुखिया यशोदा देवी के फर्जी पैड, मुहर और हस्ताक्षर का इस्तेमाल कर जाति, आवासीय प्रमाणपत्र और वंशावली तैयार करने के मामले में जेएलकेएम नेता गणेश दास को हिरासत में लिए जाने के बाद विवाद और गहरा गया है। बरवाअड्डा थाना परिसर में दोनों पक्षों के आमने-सामने आने के बाद अब मुखिया पक्ष और डुमरी विधायक जयराम महतो की ओर से अलग-अलग आवेदन देकर गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
मुखिया के बेटे प्रदीप कुमार रजक के आवेदन पर शनिवार को प्राथमिकी दर्ज की गई। प्रदीप ने आरोप लगाया कि 21 अगस्त की रात करीब 10 बजे वह अपने पिता आशुतोष रजक से मिलने थाना पहुंचे थे। आरोप है कि थाना परिसर में मौजूद डुमरी विधायक जयराम महतो ने उनके साथ जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया और जान से मारने की नीयत से उनका गला दबाने का प्रयास किया।
इधर, डुमरी विधायक जयराम महतो ने भी शनिवार देर रात बरवाअड्डा थाना में आवेदन देकर कई लोगों पर मारपीट, जानलेवा हमला और छिनतई का आरोप लगाया है। विधायक के मुताबिक, वह पंचायत से जुड़े एक मामले की जानकारी लेने थाना पहुंचे थे। इसी दौरान प्रदीप रजक, तारकेश्वर रजक, दिनेश रजक समेत अन्य लोगों ने कथित तौर पर उनके साथ मारपीट की और गला दबाने का प्रयास किया।
यह पूरा मामला बड़ापिछरी पंचायत की मुखिया यशोदा देवी के कथित फर्जी हस्ताक्षर और मुहर के इस्तेमाल से प्रमाणपत्र बनाए जाने के आरोप से जुड़ा है। फिलहाल पुलिस दोनों पक्षों की ओर से लगाए गए आरोपों की जांच कर रही है।








