(रमण कुमार, संवाददाता, मधेपुरा)
मधेपुरा - सरकार शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने और छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लाख दावे करे, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही कहानी बयां कर रही है। बात हम मधेपुरा जिले के घैलाढ़ प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत भान टेकठी स्थित सोनाय अनूप उच्च माध्यमिक विद्यालय की कर रहे हैं। जहां शिक्षा व्यवस्था की मूलभूत सुविधाएं बदहाल स्थिति में पहुंच चुकी है। यहां महज चार कमरों के सहारे लगभग 800 छात्र-छात्राओं का भविष्य गढ़ा जा रहा है। विद्यालय की वास्तविक क्षमता 200 छात्रों की है, लेकिन नामांकन उससे चार गुना अधिक हो चुका है। परिणामस्वरूप बच्चों को बैठने तक की समुचित व्यवस्था नहीं मिल पा रही है।
विद्यालय में कक्षा 9वीं से लेकर 12वीं तक की पढ़ाई होती है। स्कूल में कुल 4 कमरे हैं। जिसमें तीन कमरों में अलग-अलग कक्षाओं का संचालन किया जाता है, जबकि एक स्मार्ट क्लास रूम को भी पढ़ाई के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। हालात इतने खराब हैं कि एक बेंच पर पांच से छह बच्चों को बैठकर पढ़ाई करनी पड़ती है। कई छात्र-छात्राएं जमीन पर बैठने को मजबूर हैं तो कई बच्चे भीड़भाड़ के कारण नियमित रूप से स्कूल आना छोड़ चुके हैं। विद्यालय प्रशासन का मानना है कि भीड़भाड़, बैठने की समस्या और पढ़ाई का उचित माहौल नहीं मिलने के कारण कई छात्र स्कूल से दूरी बनाने लगे हैं। हालांकि स्कूल में पढ़ाई अच्छी होती है, लेकिन जगह की भारी कमी है। यदि भवन का विस्तार हो जाए और शिक्षकों की संख्या बढ़े तो बच्चों को काफी राहत मिलेगी।










