रांची: झारखंड के बहुचर्चित ग्रामीण विकास विभाग टेंडर घोटाला मामले में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आया है। मामले के आरोपी इंजीनियर अशोक कुमार गुप्ता ने सोमवार को रांची स्थित पीएमएलए (PMLA) की विशेष अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया। सरेंडर की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अदालत ने उन्हें बड़ी राहत देते हुए जमानत प्रदान कर दी है।
अदालत ने अशोक कुमार गुप्ता को एक लाख रुपये के निजी मुचलके पर जमानत दी है। हालांकि, जमानत के साथ कुछ कड़ी शर्तें भी लागू की गई हैं। कोर्ट के आदेशानुसार, उन्हें अपना पासपोर्ट जमा करना होगा और वे अदालत की पूर्व अनुमति के बिना देश छोड़कर बाहर नहीं जा सकेंगे।
प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा इस घोटाले की जांच की आंच अब लगातार तेज होती जा रही है। जांच एजेंसी ने हाल ही में प्रमोद कुमार सहित 14 अन्य आरोपियों के खिलाफ पूरक आरोप पत्र (Supplementary Chargesheet) दाखिल किया है, जिससे इस मामले का दायरा काफी बढ़ गया है। अशोक कुमार गुप्ता का सरेंडर इस पूरी कानूनी प्रक्रिया में एक अहम कड़ी माना जा रहा है।
गौरतलब है कि ईडी इस पूरे प्रकरण की जांच मनी लॉन्ड्रिंग के दृष्टिकोण से कर रही है। ग्रामीण विकास विभाग में टेंडर आवंटन के दौरान हुई अनियमितताओं, अफसरों और बिचौलियों की मिलीभगत और बड़े पैमाने पर वित्तीय गड़बड़ी के गंभीर आरोप हैं। एजेंसी वर्तमान में कई आरोपियों से पूछताछ करने के साथ-साथ दस्तावेजों और संदिग्ध संपत्तियों के विवरणों को खंगालने में जुटी है।









