रांची। राजधानी के सुखदेवनगर (पण्डरा) थाना क्षेत्र में मंगलवार सुबह हुई भार्गव सिंह की हत्या के मामले को पुलिस ने सुलझा लिया है। पण्डरा ओ.पी. अंतर्गत मनोकामना मंदिर से पूजा कर बाहर निकल रहे 28 वर्षीय भार्गव सिंह की अज्ञात अपराधियों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। मृत्यु से पहले भार्गव ने पुलिस को हमलावरों के बारे में महत्वपूर्ण सुराग दिए थे, जिसके आधार पर रांची पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में गठित विशेष टीम ने तकनीकी सहायता और गुप्त सूचना के आधार पर सबसे पहले विजय टेटे को गिरफ्तार किया। उसकी निशानदेही पर टीम ने दूसरे आरोपी सत्यम पाठक को नेवरी विकास के पास से उस समय दबोचा जब वह बक्सर भागने की फिराक में था। गिरफ्तारी के बाद जब पुलिस सत्यम पाठक को लेकर कांके डैम के पास हथियार बरामदगी के लिए गई, तो वहां स्थिति तनावपूर्ण हो गई। हथियार बरामद होने के बाद लौटते समय सत्यम ने एक पुलिस अधिकारी का हथियार छीन लिया और भागने की कोशिश करते हुए पुलिस पर दो-तीन राउंड फायरिंग कर दी। पुलिस ने आत्मरक्षार्थ जवाबी फायरिंग की, जिसमें सत्यम पाठक के पैर में गोली लगी। घायल आरोपी को तुरंत इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है।

पुलिस जांच में हत्या की वजह जमीन का विवाद सामने आई है। बताया जा रहा है कि आरोपी विजय टेटे ने जमीन के बदले भार्गव सिंह से मोटी रकम ली थी, लेकिन वह जमीन नहीं दे पा रहा था। भार्गव द्वारा लगातार बनाए जा रहे दबाव के कारण विजय ने उसकी हत्या की साजिश रची। पकड़े गए आरोपियों में सत्यम पाठक का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है। वह पहले भी धुर्वा के पूर्व पार्षद वेद प्रकाश सिंह की हत्या के मामले में जेल जा चुका था और हाल ही में जमानत पर बाहर आया था। उस पर हत्या और आर्म्स एक्ट के कई मामले दर्ज हैं।
पुलिस ने आरोपियों के पास से घटना में प्रयुक्त दो हथियार, आठ गोलियां, एक खोखा, मोबाइल फोन और एक पॉकेट डायरी बरामद की है। इसके अलावा उनके पास से फर्जी आधार कार्ड, पैन कार्ड, वोटर आईडी और करीब छह हजार रुपये नकद भी मिले हैं। इस सफल कार्रवाई में सहायक पुलिस अधीक्षक निखिल राय, सुखदेवनगर थाना प्रभारी सुनील कुमार कुशवाहा, कोतवाली थाना प्रभारी सनोज कुमार चौधरी और अरगोड़ा थाना प्रभारी अनिल कुमार तिवारी सहित पण्डरा ओ.पी. की टीम शामिल थी।









