राँची जिले में एलपीजी गैस की उपलब्धता सुनिश्चित करने, समय पर होम डिलीवरी और कालाबाजारी रोकने के लिए जिला प्रशासन ने सख्त रुख अख्तियार किया है। जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त राँची, मंजूनाथ भजन्त्री की अध्यक्षता में गैस तेल कंपनियों के उच्च अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।
बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए गए कि उपभोक्ताओं को गैस के लिए अब लाइन लगाने या गोदाम जाने की आवश्यकता नहीं है। जिला प्रशासन ने होम डिलीवरी को अनिवार्य कर दिया है।

बैठक के मुख्य निर्णय और निर्देश
- अनिवार्य होम डिलीवरी: एलपीजी गैस सिलेंडर की डिलीवरी हर हाल में उपभोक्ताओं के घर पर ही सुनिश्चित करनी होगी। किसी भी उपभोक्ता को गैस गोदाम या डिपो से सिलेंडर लाने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता।
- गोदाम से वितरण पर पाबंदी: गैस गोदामों से सीधे सिलेंडर वितरण पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। अनावश्यक भीड़ को नियंत्रित करने के लिए कुछ गोदामों पर पुलिस बल और मजिस्ट्रेट की तैनाती की जाएगी।
- आपात स्थिति के लिए विकल्प: यदि किसी उपभोक्ता को तत्काल गैस की आवश्यकता है, तो वह गैस एजेंसी से 5 किलोग्राम का छोटा सिलेंडर ले सकता है। सामान्य 14.2 किग्रा सिलेंडर केवल होम डिलीवरी के माध्यम से ही मिलेगा।
- कालाबाजारी पर FIR: यदि कोई गैस एजेंसी संचालक या कर्मचारी सिलेंडर की कालाबाजारी, ब्लैक मार्केटिंग या तय मूल्य से अधिक पर बिक्री करता पाया गया, तो उसके विरुद्ध तत्काल प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

अधिकारियों की उपस्थिति और अपील
समाहरणालय में आयोजित इस बैठक में अनुमंडल पदाधिकारी राँची, कुमार रजत और जिला आपूर्ति पदाधिकारी, रामगोपाल पांडेय भी उपस्थित थे।
उपभोक्ताओं से विशेष अपील:
"आने वाले समय में गैस की सप्लाई प्रभावित होने की संभावना को देखते हुए उपभोक्ता पैनिक बुकिंग न करें। अपनी तय सीमा के अनुसार ही बुकिंग करें ताकि व्यवस्था सुचारू बनी रहे। उपभोक्ताओं को सिलेंडर के लिए लाइन में लगने की जरूरत नहीं है, उनके घर पर ही आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी।" — जिला प्रशासन, राँची
गैस कंपनियों के प्रतिनिधियों ने प्रशासन को इन निर्देशों का कड़ाई से पालन करने का आश्वासन दिया है। जिला प्रशासन ने साफ कर दिया है कि उपभोक्ताओं की सुविधा और सुचारू वितरण व्यवस्था के लिए हर संभव कदम उठाए जाएंगे।











