रांची : झारखंड की राजधानी रांची में रसोई गैस की किल्लत कम होने का नाम नहीं ले रही है, जिससे आम जनता की मुश्किलें दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही हैं। खाड़ी देशों में जारी युद्ध के वैश्विक असर ने अब स्थानीय स्तर पर गैस आपूर्ति श्रृंखला को बुरी तरह प्रभावित किया है। ताजा मामला रांची के चुटिया थाना क्षेत्र अंतर्गत महादेव मंडा के पास का है, जहाँ इंद्रप्रस्थ गैस एजेंसी के बाहर उपभोक्ताओं का भारी हुजूम उमड़ पड़ा है। स्थिति इतनी गंभीर है कि गैस सिलेंडर पाने की आस में लोग कड़ाके की ठंड और अंधेरे के बीच सुबह 3 बजे से ही सड़कों पर कतार लगाए खड़े नजर आ रहे हैं, लेकिन घंटों इंतजार के बाद भी एजेंसी की ओर से आपूर्ति सुनिश्चित नहीं की जा सकी है।
स्थानीय निवासियों और उपभोक्ताओं के अनुसार, रांची के विभिन्न हिस्सों में गैस वितरण व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। चुटिया में जुटी 500 से अधिक लोगों की भीड़ इस बात का प्रमाण है कि किल्लत कितनी व्यापक हो चुकी है। उपभोक्ताओं का आरोप है कि उन्होंने 15 से 20 दिन पहले ही गैस सिलेंडर की बुकिंग करा ली थी, लेकिन निर्धारित समय बीत जाने के बाद भी उन्हें होम डिलीवरी तो दूर, एजेंसी के चक्कर काटने पर भी गैस नहीं मिल पा रही है। कतार में खड़े लोगों का कहना है कि वे अपने दैनिक कार्यों और कामकाज को छोड़कर सिलेंडर लेने आए हैं, मगर एजेंसी प्रबंधन की ओर से कोई स्पष्ट जानकारी साझा नहीं की जा रही है।
इंद्रप्रस्थ गैस एजेंसी की कार्यप्रणाली को लेकर भी ग्राहकों में भारी आक्रोश व्याप्त है। मौके पर मौजूद लोगों ने शिकायत की है कि एजेंसी के आधिकारिक फोन नंबरों पर संपर्क करने की कोशिश करने पर कोई जवाब नहीं मिलता है। ग्राहकों का कहना है कि फोन पिकअप न होने और एजेंसी कर्मियों के असहयोगात्मक व्यवहार के कारण उनकी मानसिक और शारीरिक परेशानी और बढ़ गई है। जहाँ एक तरफ सरकार और प्रशासन आपूर्ति सामान्य होने के दावे कर रहे हैं, वहीं धरातल पर रांची के लोग एक अदद गैस सिलेंडर के लिए संघर्ष करने को मजबूर हैं। यदि आपूर्ति की स्थिति जल्द नहीं सुधरी, तो आने वाले दिनों में यह संकट और भी उग्र रूप ले सकता है।











