झारखंड के लाखों बिजली उपभोक्ताओं के लिए आज, 25 मार्च 2026 का दिन अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि झारखंड राज्य विद्युत नियामक आयोग (JSERC) वित्तीय वर्ष 2026-2027 के लिए नई बिजली दरों की घोषणा करने वाला है। झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड (JBVNL) ने अपनी टैरिफ याचिका में बिजली दरों में 50 से 60 प्रतिशत तक की भारी वृद्धि का प्रस्ताव दिया है, जिससे पूरे राज्य में उपभोक्ताओं के बीच चिंता का माहौल है। यदि आयोग इस प्रस्ताव को हरी झंडी दे देता है, तो राज्य में बिजली की कीमतें अब तक के अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच जाएंगी, जिसका सीधा और व्यापक असर आम जनता, किसानों और औद्योगिक क्षेत्र पर पड़ेगा।
प्रस्तावित नए टैरिफ के अनुसार, शहरी घरेलू उपभोक्ताओं के लिए बिजली की दर 6.85 रुपये से बढ़कर 10.30 रुपये प्रति यूनिट हो सकती है, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में यह दर 6.70 रुपये से बढ़ाकर 10.20 रुपये प्रति यूनिट करने का सुझाव दिया गया है। ऊर्जा की प्रति यूनिट दर के साथ-साथ फिक्स्ड चार्ज में भी वृद्धि का प्रस्ताव है, जिसमें शहरी उपभोक्ताओं के लिए शुल्क 100 रुपये से बढ़ाकर 150 रुपये और ग्रामीणों के लिए 75 रुपये से बढ़ाकर 125 रुपये प्रतिमाह किया जाना शामिल है। बिजली दरों में इस बड़े बदलाव का मुख्य कारण बिजली खरीद की बढ़ती लागत, पुराने पावर परचेज एग्रीमेंट की देनदारियां और वितरण के दौरान होने वाले घाटे को बताया जा रहा है।
हालांकि, इस संभावित आर्थिक बोझ के बीच राहत की बात यह है कि राज्य सरकार की 200 यूनिट तक मुफ्त बिजली देने वाली योजना पूर्ववत जारी रहेगी। इसका अर्थ यह है कि जो घरेलू उपभोक्ता सीमित बिजली का उपयोग करते हैं, उन पर इस मूल्य वृद्धि का तत्काल प्रभाव नहीं पड़ेगा। दूसरी ओर, कृषि और औद्योगिक क्षेत्रों के लिए मुश्किलें बढ़ सकती हैं, क्योंकि सिंचाई के लिए बिजली की दर 5.30 रुपये से बढ़ाकर लगभग 9 से 10 रुपये प्रति यूनिट करने का प्रस्ताव है, जिससे खेती की लागत में इजाफा होना तय है।
नियामक आयोग के आज के फैसले के बाद, यदि प्रस्ताव स्वीकृत होता है, तो नई दरें 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी हो जाएंगी। आज का दिन यह तय करेगा कि झारखंड के उपभोक्ताओं को आने वाले समय में अपने मासिक बजट में कितनी बड़ी कटौती करनी होगी या सरकार की कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से उन्हें कितनी सुरक्षा मिल पाएगी।











