मांडर/डेस्क: उत्कृष्ट तकनीक, सृजनात्मक प्रस्तुति और उच्च गुणवत्ता का प्रभावशाली प्रदर्शन करते हुए होटल प्रबंधन संस्थान (आईएचएम) ब्राम्बे की छात्रा नितिन सांगा ने प्रतिष्ठित इंडिया स्किल्स प्रतियोगिता 2025 में एक नया इतिहास रच दिया है। उन्होंने बेकरी ट्रेड में शानदार प्रदर्शन करते हुए राष्ट्रीय स्तर पर ब्रॉन्ज मेडल हासिल कर संस्थान और राज्य का नाम रोशन किया है। यह प्रतियोगिता देशभर के युवाओं के कौशल को निखारने और उन्हें वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करने का सबसे बड़ा मंच माना जाता है।
राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (NSDC) द्वारा कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय के तत्वावधान में आयोजित इस प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य युवाओं में व्यावसायिक उत्कृष्टता को प्रोत्साहित करना और कौशल-आधारित करियर के प्रति जागरूकता पैदा करना है। इंडिया स्किल्स प्रतियोगिता को 'ओलंपिक्स ऑफ स्किल्स' के रूप में भी पहचाना जाता है क्योंकि यह वर्ल्डस्किल्स शंघाई 2026 के लिए अंतिम क्वालीफाइंग इवेंट के रूप में कार्य करती है। इस वर्ष प्रतिभागियों ने पारंपरिक व्यवसायों से लेकर उभरती प्रौद्योगिकियों और सेवा उत्कृष्टता जैसी 63 विभिन्न श्रेणियों में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
आईएचएम रांची में बीएससी इन हॉस्पिटैलिटी एंड होटल एडमिनिस्ट्रेशन की छात्रा सुश्री नितिन सांगा ने इस सफर में पहले राज्य स्तर और फिर जोनल स्तर की कठिन बाधाओं को पार किया। राष्ट्रीय मंच पर उन्होंने अपनी रचनात्मक बेकरी कला और तकनीकी दक्षता से निर्णायक मंडल को गहराई से प्रभावित किया। इस ऐतिहासिक जीत के बाद अब वह विशेष प्रशिक्षण प्राप्त करेंगी, जिसके उपरांत उन्हें चीन के शंघाई में आयोजित होने वाले अंतरराष्ट्रीय वैश्विक मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व करने का अवसर मिलेगा।
संस्थान की यह सफलता कोई इत्तेफाक नहीं है, बल्कि निरंतर बेहतर प्रदर्शन की एक कड़ी है। उल्लेखनीय है कि गत वर्ष 2024 में भी आईएचएम रांची के छात्र हर्ष रवींद्रन ने इसी प्रतियोगिता में 'मेडल ऑफ एक्सीलेंस' प्राप्त किया था। लगातार दूसरे वर्ष राष्ट्रीय स्तर पर पदक अर्जित करना संस्थान की उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा, आधुनिक प्रशिक्षण प्रणालियों और शिक्षकों के सटीक मार्गदर्शन का सशक्त प्रमाण है।
छात्रा की इस अभूतपूर्व उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए आईएचएम रांची के प्राचार्य डॉ. भूपेश कुमार ने नितिन सांगा और उनके मेंटर को हार्दिक बधाई दी। उन्होंने कहा कि देशभर के प्रतिष्ठित आईएचएम संस्थानों के बीच आईएचएम रांची की छात्रा का यह कीर्तिमान पूरे संस्थान के लिए गर्व का विषय है। डॉ. कुमार ने जोर देकर कहा कि संस्थान विद्यार्थियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतिस्पर्धाओं के लिए तैयार करने और उन्हें आधुनिक सुविधाएं प्रदान करने के लिए सदैव प्रतिबद्ध है। उन्होंने इस सफलता का श्रेय संस्थान के समर्पित शिक्षकों की मेहनत और छात्रों के अटूट परिश्रम को दिया और विश्वास जताया कि भविष्य में भी यहाँ के छात्र राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पटल पर अपनी चमक बिखेरते रहेंगे।











