हजारीबाग: रामनवमी शोभायात्रा के उत्साह के बीच झंडा चौक के समीप हुई अभिषेक कुमार की सनसनीखेज हत्या की गुत्थी को पुलिस ने सुलझा लिया है। इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पांच मुख्य अभियुक्तों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। घटना उस वक्त हुई थी जब गाड़ी खाना क्लब के जुलूस में शामिल कुछ युवकों ने अभिषेक पर तलवार, चाकू और लाठियों से जानलेवा हमला कर दिया था। गंभीर रूप से घायल युवक ने रांची ले जाने के दौरान रास्ते में ही दम तोड़ दिया था।
इस जघन्य हत्याकांड की गंभीरता को देखते हुए हजारीबाग पुलिस अधीक्षक ने अमित आनंद के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया था। टीम ने तकनीकी साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और गुप्त सूचनाओं के आधार पर आरोपियों को चिह्नित किया और छापेमारी कर उन्हें धर दबोचा। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल की गई तलवार और चांदनी चाकू भी बरामद कर लिया है। लोसिंगा थाना में कांड संख्या 28/26 के तहत दर्ज इस मामले में पुलिस की यह बड़ी सफलता मानी जा रही है।
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने जो खुलासे किए हैं वे चौंकाने वाले हैं। अभियुक्तों ने स्वीकार किया कि जुलूस के दौरान वे शराब और गांजे के अत्यधिक नशे में थे। झंडा चौक के पास जब हथियारों का प्रदर्शन चल रहा था, तभी अभिषेक के जुलूस में शामिल होने पर किसी बात को लेकर विवाद हुआ। नशे और गुस्से के आवेश में आकर उन्होंने अभिषेक पर हमला कर दिया। सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि हत्या जैसी वारदात को अंजाम देने के बाद भी आरोपी पकड़े जाने के डर के बिना जुलूस में शामिल होकर नाचते रहे। उन्हें अभिषेक की मौत की खबर बाद में मिली।
पुलिस ने न केवल इस हत्याकांड का खुलासा किया है, बल्कि रामनवमी के दौरान शहर के अन्य हिस्सों में हुए चार अलग-अलग हमलों के मामलों को भी सुलझाते हुए संबंधित दोषियों को गिरफ्तार किया है। हालांकि वर्तमान में इलाके में स्थिति पूरी तरह शांतिपूर्ण है, लेकिन इस घटना ने त्योहारों और शोभायात्राओं के दौरान सुरक्षा प्रबंधों और युवाओं के बीच बढ़ते नशे के चलन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन अब भविष्य के आयोजनों के लिए और अधिक सतर्कता बरतने की बात कह रहा है।











