रिपोर्ट - उमेश कांत गिरि
16 मार्च 2026 को घाटशिला टाउन हॉल में आयोजित रोजगार मेला क्षेत्र के शिक्षित युवाओं के लिए नई उम्मीद और आत्मविश्वास लेकर आया। यह आयोजन केवल एक सामान्य कार्यक्रम नहीं था, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा करने की दिशा में एक मजबूत कदम साबित हुआ। नाम्या स्माइल फाउंडेशन द्वारा आयोजित इस मेले ने यह संदेश दिया कि यदि इच्छाशक्ति और सामाजिक प्रतिबद्धता मजबूत हो, तो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े बदलाव संभव हैं।
इस पहल के पीछे कुणाल षड़ंगी का नेतृत्व और स्पष्ट दृष्टिकोण देखने को मिला। महज तीन दिनों की तैयारी में 16 प्रतिष्ठित कंपनियों के रिक्रूटर्स को एक मंच पर लाना और 220 युवाओं का चयन सुनिश्चित करना अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है। यह आयोजन स्थानीय युवाओं को उनके ही क्षेत्र में रोजगार दिलाने की दिशा में एक प्रभावी प्रयास साबित हुआ।

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलित कर किया गया, जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में सुशीला टुडू की उपस्थिति ने आयोजन की गरिमा को बढ़ाया। इसके साथ ही घाटशिला कॉलेज के प्राचार्य आर के चौधरी, झारखंड मुक्ति मोर्चा के वरिष्ठ नेता जगदीश भकत, काजल डॉन, इंदल पासवान, सौरभ चक्रवर्ती और कौशिक कुमार सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।
अतिथियों ने अपने संबोधन में इस रोजगार मेले को घाटशिला और आसपास के क्षेत्रों के युवाओं के लिए “सुनहरा अवसर” बताया। उन्होंने कहा कि पहली बार कंपनियाँ खुद इस क्षेत्र में आकर युवाओं को रोजगार दे रही हैं, जिससे न केवल बेरोजगारी कम होगी, बल्कि आत्मनिर्भरता और स्थानीय विकास को भी बढ़ावा मिलेगा।
अपने संबोधन में कुणाल षड़ंगी ने युवाओं को इंटरव्यू के लिए बाहर जाने में होने वाले आर्थिक बोझ का जिक्र करते हुए कहा कि यह मेला उसी समस्या को कम करने का प्रयास है। उन्होंने भविष्य में और बड़े स्तर पर ऐसे आयोजन करने का संकल्प भी दोहराया, जो क्षेत्रीय विकास के लिए सकारात्मक संकेत है।
यह रोजगार मेला केवल 220 नियुक्तियों का आंकड़ा नहीं, बल्कि यह विश्वास का प्रतीक बनकर उभरा है कि समाज, संगठन और नेतृत्व के सामूहिक प्रयास से स्थानीय स्तर पर भी बड़े बदलाव संभव हैं। घाटशिला के लिए यह एक महत्वपूर्ण शुरुआत है, जो आने वाले समय में रोजगार के क्षेत्र में बड़े बदलाव का आधार बन सकती है।
इस सफल आयोजन में नाम्या स्माइल फाउंडेशन के सक्रिय सदस्यों सतप्रीत सिंह, हीरा सिंह, सोमेन मिश्रा, पूर्णेन्दु आचार्य, संदीप नाथ, मीता मिश्रा, मुनमुन दे, राधा रानी सरकार और अजय राज की भूमिका भी सराहनीय रही। रोजगार मेले में बड़ी संख्या में युवक-युवतियों की उपस्थिति ने इस पहल की सफलता को और मजबूत किया।











