Jharkhand Politics: झारखंड में चल रहे निकाय चुनाव को लेकर राजनीतिक तापमान बढ़ गया है। हालांकि यह चुनाव दलगत नहीं है, लेकिन सभी राजनीतिक दल अपने-अपने उम्मीदवारों और रणनीतियों के साथ मैदान में हैं। विधानसभा चुनाव के बाद शहरों में सत्ता स्थापित करने के लिए हर दल ने पूरी ताकत झोंक दी है।
इसी बीच कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री केएन त्रिपाठी ने दावा किए थे कि निकाय चुनाव के बाद राज्य में बड़ा राजनीतिक बदलाव होगा। उन्होंने कहा था कि बीजेपी और जेएमएम के बीच गठबंधन फाइनल हो चुका है और निकाय चुनाव के बाद सरकार बदलेगी।
अब इसी मुद्दे पर प्रदेश कांग्रेस महासचिव राकेश सिंहा ने कहा कि इस प्रकार की गलत सूचना सामने आई है। झारखंड में गठबंधन बेहतर तरीके से कार्य कर रही है । यदि जेएमएम बीजेपी के साथ सरकार बनाएगी तो जेएमएम को ॐ साईं नाथ का जाप करनी चाहिए।एस
बता दें कि झारखंड में फिलहाल मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में जेएमएम, कांग्रेस, राजद और वामदलों की गठबंधन सरकार है। सहयोगी दलों से मतभेद की शुरुआत बिहार चुनाव के दौरान हुई थी। उस समय जेएमएम महागठबंधन के साथ चुनाव लड़ना चाहती थी, लेकिन राजद ने सीट देने से इनकार किया।
इसके बाद से मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के मंच पर कांग्रेस और राजद के विधायकों को जगह नहीं दी जा रही है। इस प्रकार, निकाय चुनाव से पहले राजनीतिक उठापटक और दाव-पेंच झारखंड की सियासत में चर्चा का विषय बना हुआ है।











