(मो० काजीरूल शेख, संवाददाता, पाकुड़)
पाकुड़ - अनुसूचित क्षेत्रों में ग्राम सभाओं को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए महेशपुर प्रखंड मुख्यालय में पेसा कानून विषय पर प्रशिक्षण सह उन्मुखीकरण कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रखंड विकास पदाधिकारी डॉ. सिद्धार्थ शंकर यादव ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर ग्राम प्रधान, मोबिलाइजर तथा विभिन्न पंचायतों से आए प्रतिनिधियों की उपस्थिति ने कार्यक्रम को सार्थकता प्रदान की।
अपने संबोधन में बीडीओ डॉ. यादव ने पेसा अधिनियम की मूल भावना पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह कानून ग्राम सभा को अधिकार संपन्न और आत्मनिर्भर बनाने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पेसा अधिनियम के तहत ग्राम सभा को स्थानीय संसाधनों के संरक्षण, उपयोग एवं विकास कार्यों की स्वीकृति में निर्णायक भूमिका प्रदान की गई है।
रिसोर्स पर्सन सह मास्टर ट्रेनर सायेम अख्तर ने अधिनियम के प्रावधानों की विस्तृत एवं व्यावहारिक जानकारी देते हुए बताया कि ग्राम सभा को भूमि, जल, जंगल एवं अन्य प्राकृतिक संसाधनों के प्रबंधन का वैधानिक अधिकार प्राप्त है। साथ ही विकास योजनाओं की प्राथमिकता तय करने, सामाजिक अंकेक्षण तथा स्थानीय स्तर पर निर्णय लेने की प्रक्रिया में भी ग्राम सभा की भागीदारी अनिवार्य है। उन्होंने ग्राम प्रधानों से अपील की कि वे अपने अधिकारों एवं दायित्वों को समझते हुए गांवों के समग्र विकास में सक्रिय भूमिका निभाएं।











