RANCHI: राजधानी रांची के डोरंडा थाना क्षेत्र में सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने लगा। वायरल वीडियो में आरोप लगाया गया कि एक सीनियर वकील ने अपनी मर्सिडीज़ कार के बोनट पर एक युवक को कई किलोमीटर तक घसीटते हुए ले गए। वीडियो सामने आने के बाद मामला तूल पकड़ गया और डोरंडा थाना परिसर में सुबह से ही हाई वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला।
जानकारी के अनुसार, घटना के बाद दोनों पक्ष थाना पहुंचे, जहां घंटों तक चली बातचीत और समझाइश के बाद मामला आपसी समझौते के साथ समाप्त हुआ। पीड़ित युवक मवाज ख़ान ने मीडिया से बातचीत करते हुए बताया कि सीनियर वकील ने अपनी गलती स्वीकार की और उनसे माफी मांगी। मवाज ख़ान ने कहा कि, “एक मुसलमान होने के नाते मैंने अपने पैग़म्बर साहब के संदेश को अपनाते हुए उन्हें माफ कर दिया।”
पीड़ित ने यह भी कहा कि वह अब किसी प्रकार की कानूनी कार्रवाई नहीं चाहते और आपसी सहमति से मामला सुलझा लिया गया है। वहीं, घटना को लेकर थाना परिसर में बड़ी संख्या में लोग और मीडिया कर्मी मौजूद रहे।
हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम के बाद भी कई सवाल खड़े हो रहे हैं।
क्या कानून से ऊपर कोई है?
क्या इस तरह की गंभीर घटना केवल समझौते से समाप्त हो जानी चाहिए?
और वायरल वीडियो में दिख रही सच्चाई की गहन जांच कब और कैसे होगी?
फिलहाल मामला शांत हो गया है, लेकिन यह घटना कानून व्यवस्था और न्याय प्रक्रिया को लेकर कई बड़े सवाल छोड़ गई है।











