RANCHI: झारखंड ऊर्जा विकास श्रमिक संघ ने राज्य के विभिन्न विद्युत सप्लाई क्षेत्रों एवं संचरण प्रक्षेत्रों में कार्यरत कामगारों के वेतन से की गई कटौती पर कड़ा विरोध जताया है। संघ के केंद्रीय अध्यक्ष अजय राय ने इस मामले को गंभीर बताते हुए झारखंड ऊर्जा विकास निगम लिमिटेड के अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है और इस संबंध में ईमेल के माध्यम से ज्ञापन दिया है । संघ के अनुसार, गीतराज एजेंसी के माध्यम से कार्यरत कामगारों के वेतन से दिसंबर 2025 तथा फरवरी 2026 माह में लगभग तीन हजार रुपये “ग्रुप इंश्योरेंस” एवं “एक्सीडेंटल इंश्योरेंस” के नाम पर काट लिए गए हैं। इस कटौती को लेकर कामगारों के बीच भारी असंतोष एवं आक्रोश व्याप्त है। अजय राय ने कहा कि यह कटौती बिना किसी पूर्व सूचना, लिखित सहमति या स्पष्ट जानकारी के की गई है, जो पूरी तरह अनुचित है और औद्योगिक अधिनियम 1948 के नियमों के विरुद्ध है। कामगारों का कहना है कि उन्हें इस संबंध में किसी प्रकार की जानकारी नहीं दी गई और न ही उनकी सहमति ली गई। ऐसे में वेतन से इस प्रकार की राशि काटना कामगारों के साथ अन्याय है। उन्होंने कहा कि औद्योगिक अधिनियम 1948 के प्रावधानों के अनुसार यदि किसी प्रकार की बीमा योजना या अन्य सुविधा लागू की जाती है तो उसके बारे में कामगारों को पहले स्पष्ट रूप से जानकारी देना और उनकी सहमति लेना अनिवार्य है। लेकिन इस मामले में एजेंसी द्वारा इस प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया है, जिससे कामगारों के बीच असंतोष और अविश्वास की स्थिति उत्पन्न हो गई है। श्रमिक संघ ने मांग की है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा यह स्पष्ट किया जाए कि किन परिस्थितियों और किस आदेश के तहत कामगारों के वेतन से उक्त राशि की कटौती की गई। साथ ही एजेंसी द्वारा की गई इस कटौती को तत्काल प्रभाव से रोकते हुए दिसंबर एवं जनवरी माह में काटी गई राशि कामगारों के खाते में वापस कराई जाए। इसके साथ ही संघ ने झारखंड सरकार के वित्त विभाग के आदेश संख्या 478 दिनांक 17 फरवरी 2026 का हवाला देते हुए मांग की है कि राज्य में छोटी-छोटी निजी एजेंसियों को कार्य देने के बजाय सरकारी एजेंसी “जैप आईटी” को ही कार्य आवंटित किया जाए, जिससे कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित हो सके। संघ का कहना है कि राज्य के अन्य विभागों में भी जैप आईटी एजेंसी सफलतापूर्वक कार्य कर रही है। अजय राय ने विश्वास व्यक्त किया कि प्रबंधन इस गंभीर विषय को संज्ञान में लेते हुए कामगारों के हित में आवश्यक कार्रवाई करेगा और दोषियों के खिलाफ उचित कदम उठाएगा।











