JHARKHAND POLIO: राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान के तहत पूरे झारखंड में आज यानी रविवार से तीन दिवसीय विशेष पल्स पोलियो अभियान की शुरुआत हो रही है. 28 से 30 जून तक चलने वाले इस राज्यव्यापी अभियान के तहत झारखंड के 5 वर्ष से कम आयु के लगभग 61.26 लाख बच्चों को पोलियो रोधी दवा पिलाने का एक बड़ा लक्ष्य निर्धारित किया गया है.
आज बूथ पर पिलाई जा रही है दवा
अभियान को शत-प्रतिशत सफल बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने दो चरणों में रणनीति तैयार की है. इसके तहत आज अभियान के पहले दिन पूरे राज्य में बनाए गए 24,507 पोलियो बूथों पर दवा पिलाई जा रही है. माता-पिता से अपील की गई है कि वे सुबह ही अपने बच्चों को नजदीकी बूथ पर ले जाएं. दूसरे व तीसरे दिन यानी 29 और 30 जून को जो बच्चे आज किसी कारणवश बूथ तक नहीं पहुंच पाएंगे, उनके लिए स्वास्थ्य विभाग की टीमें सोमवार और मंगलवार को घर-घर जाकर दस्तक देंगी और पोलियो की खुराक पिलाएंगी ताकि कोई भी बच्चा इस सुरक्षा कवच से वंचित न रहे.
क्यों जरूरी है यह सतर्कता?
गौरतलब है कि भारत साल 2011 से ही ‘वाईल्ड पोलियो वायरस’ से पूरी तरह मुक्त घोषित हो चुका है. इसके बावजूद दुनिया के कुछ चुनिंदा देशों में अब भी पोलियो वायरस का फैलाव जारी है. ऐसे में भारत में यह वायरस दोबारा पैर न पसार सके, इसलिए स्वास्थ्य मंत्रालय लगातार बेहद सतर्कता बरत रहा है.
रांची में 5 लाख से अधिक बच्चों को सुरक्षित करने का लक्ष्य
श्रावणी मेले और राष्ट्रीय अभियान को देखते हुए रांची जिला प्रशासन भी पूरी तरह अलर्ट है. जिला के 5 वर्ष से कम आयु के 5,05,524 बच्चों को दवा पिलाने का टारगेट सेट किया गया है. शनिवार को सिविल सर्जन कार्यालय में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सिविल सर्जन डॉ. प्रभात कुमार ने हरी झंडी दिखाकर विशेष जागरूकता प्रचार रथ को रवाना किया.








