रिपोर्ट: मो० काजीरुल शेख, पाकुड़ (झारखंड)
पाकुड़: झारखंड की राजनीति में इन दिनों वार-पलटवार का दौर चरम पर है। इसी कड़ी में भाजपा के कद्दावर नेता और सूबे के पूर्व मंत्री रणधीर सिंह ने पाकुड़ में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान हेमंत सोरेन सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने वर्तमान सरकार की कार्यप्रणाली को आड़े हाथों लेते हुए आरोप लगाया कि राज्य में सुशासन का पूरी तरह अंत हो चुका है और 'लूट के शासन' ने उसकी जगह ले ली है।
सुशासन बनाम वर्तमान व्यवस्था
रणधीर सिंह ने रघुवर दास सरकार के कार्यकाल की याद दिलाते हुए कहा कि उस दौर में 181 टोल-फ्री नंबर जनता की शिकायतों का सबसे बड़ा हथियार था। उन्होंने एक दिलचस्प वाकया साझा करते हुए बताया कि मंत्री पद पर रहते हुए उनके खिलाफ भी कुछ शिकायतें आई थीं, जिस पर तत्कालीन मुख्यमंत्री ने सीधे उनसे जवाब तलब किया था। सिंह के अनुसार, उस समय व्यवस्था में जवाबदेही और डर था, जिसके कारण जनता को महसूस होता था कि उनकी बात सुनी जा रही है। इसके विपरीत, उन्होंने वर्तमान सरकार पर जनता की अनदेखी करने का आरोप लगाया।
ट्रांसफर-पोस्टिंग को बताया 'उद्योग'
प्रेस वार्ता के दौरान पूर्व मंत्री ने राज्य में अधिकारियों के तबादलों को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि झारखंड में अब ट्रांसफर-पोस्टिंग एक 'उद्योग' का रूप ले चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि डीसी और एसपी स्तर के अधिकारियों का तबादला जनहित के बजाय निजी स्वार्थ की पूर्ति के लिए किया जा रहा है। देवघर और दुमका जैसे जिलों का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि ईमानदार और बेहतर काम करने वाले अधिकारियों को जल्द हटा दिया जाता है, जबकि राजनीतिक प्रभाव वाले क्षेत्रों में खास अधिकारियों को संरक्षण दिया जा रहा है।
भ्रष्टाचार और माफिया राज का आरोप
रणधीर सिंह ने सरकार पर ईमानदार अफसरों को दरकिनार करने और 'भ्रष्ट' अधिकारियों को महत्वपूर्ण पदों पर तैनात करने का सनसनीखेज आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि वर्तमान में डायरेक्ट कैडर के अधिकारियों की तुलना में चहेते प्रमोटेड अधिकारियों को फील्ड में प्राथमिकता दी जा रही है। संथाल परगना की स्थिति पर गहरी चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि आज यह पूरा क्षेत्र कोयला, बालू और पत्थर माफियाओं का सुरक्षित चारागाह बन गया है।
सरकार के लोकप्रिय नारे 'अबुआ राज' पर तंज कसते हुए रणधीर सिंह ने इसे 'बबुआ राज' करार दिया। उन्होंने कहा कि जो सरकार जल-जंगल-जमीन की रक्षा के नाम पर सत्ता में आई थी, आज वही इसे लूटने और लुटवाने में व्यस्त है।










