रांची: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने आज कांके रोड स्थित अपने आवासीय कार्यालय में जनगणना-2027 के तहत 'स्व-गणना' (Self Enumeration) की प्रक्रिया को सफलतापूर्वक पूरा किया। इस महत्वपूर्ण अवसर पर उनकी धर्मपत्नी और विधायक श्रीमती कल्पना सोरेन भी उपस्थित रहीं। मुख्यमंत्री ने स्वयं ऑनलाइन पोर्टल पर पंजीकरण कर राज्य में इस व्यापक राष्ट्रीय अभियान का औपचारिक आगाज किया।
जनगणना: भविष्य की योजनाओं का ठोस आधार प्रक्रिया पूरी करने के बाद मुख्यमंत्री ने राज्य को संबोधित करते हुए कहा कि जनगणना को मात्र आंकड़ों के संग्रह के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यह प्रक्रिया आम जनमानस के भविष्य को सही दिशा देने का एक सशक्त आधार है। मुख्यमंत्री के अनुसार, जनगणना से प्राप्त सटीक डेटा के माध्यम से सरकार अपनी जनकल्याणकारी योजनाओं को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बना सकेगी, जिससे समाज के अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुंचाना आसान होगा।

निर्धारित समय-सीमा और तकनीकी पहल जनगणना अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि स्व-गणना का कार्य 01 मई से 15 मई तक चलेगा। इसके तुरंत बाद, 16 मई से 14 जून 2026 तक पूरे झारखंड में मकान सूचीकरण और मकान गणना का कार्य युद्ध स्तर पर शुरू किया जाएगा। इस चरण में प्रगणक (Enumerators) घर-घर जाकर डेटा संग्रह करेंगे। मुख्यमंत्री ने इस बार की जनगणना में इस्तेमाल की जा रही आधुनिक तकनीक की सराहना की और अधिकारियों को निर्देश दिया कि क्षेत्रीय भाषाओं के जानकार कर्मियों को इस अभियान में प्राथमिकता दी जाए ताकि सूचनाओं का आदान-प्रदान सुगम हो सके।

राज्यवासियों से उत्साहपूर्ण भागीदारी का आह्वान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने समस्त झारखंड वासियों से अपील की है कि वे अपनी सामाजिक और राष्ट्रीय जिम्मेदारी को समझते हुए इस जनगणना अभियान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें। उन्होंने कहा कि नागरिकों की सक्रिय और उत्साहपूर्ण भागीदारी ही इस अभियान को सफल बनाएगी, जो अंततः राज्य के विकास की नई पटकथा लिखने में सहायक सिद्ध होगी।

इस कार्यक्रम के दौरान भारत सरकार के जनगणना कार्य निदेशालय के निदेशक प्रभात कुमार, रांची उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री और अन्य वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे, जिन्होंने इस विशाल अभियान की प्रशासनिक तैयारियों की विस्तृत रूपरेखा साझा की।










