रांची: झारखंड की राजधानी रांची में कानून व्यवस्था की बिगड़ती स्थिति और महिलाओं के विरुद्ध बढ़ते अपराधों को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। हाल ही में रिम्स की एक डेंटल छात्रा के साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म और रांची में ही तीन वर्षीय मासूम बच्ची के साथ हुई अमानवीय क्रूरता की घटना ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। इन घटनाओं के खिलाफ जनाक्रोश व्यक्त करने और सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग को लेकर भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा ने एक बड़ा मोर्चा खोल दिया है।
भाजपा महिला मोर्चा की रांची महानगर इकाई के साथ-साथ पूर्वी एवं पश्चिमी जिला इकाइयों के संयुक्त तत्वावधान में आज वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) कार्यालय का घेराव किया जा रहा है। इस विरोध प्रदर्शन के माध्यम से महिला मोर्चा की कार्यकर्ता और पदाधिकारी सरकार तथा प्रशासन के प्रति अपना कड़ा विरोध दर्ज करा रहे हैं। प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग है कि इन जघन्य अपराधों में संलिप्त दोषियों के खिलाफ स्पीडी ट्रायल (त्वरित सुनवाई) के माध्यम से कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
संगठन ने स्पष्ट रूप से यह मांग रखी है कि ऐसे अमानवीय कृत्यों के लिए अपराधियों को फांसी जैसी कड़ी से कड़ी सजा दी जाए, ताकि समाज में एक कड़ा संदेश जाए और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। घेराव के दौरान कार्यकर्ताओं ने राज्य में ध्वस्त हो चुकी कानून व्यवस्था पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए आरोप लगाया कि वर्तमान स्थिति में महिलाएं और बच्चियां असुरक्षित महसूस कर रही हैं। यह विरोध प्रदर्शन न केवल पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने की एक मुहिम है, बल्कि शासन-प्रशासन को उनकी जिम्मेदारी याद दिलाने के लिए एक व्यापक राजनीतिक हस्तक्षेप भी है।









