बदायूं (उत्तर प्रदेश): बदायूं में हुए चर्चित बायोगैस प्लांट डबल मर्डर केस में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी अजय प्रताप सिंह की अवैध संपत्तियों पर बुलडोजर चला दिया। सैजनी म्याऊं रोड पर स्थित उसकी 6 दुकानों को गुरुवार को ध्वस्त कर दिया गया।
अवैध निर्माण पर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई
यह कार्रवाई लोक निर्माण विभाग (PWD) की टीम द्वारा की गई। अधिकारियों के मुताबिक, ये दुकानें सरकारी जमीन पर अतिक्रमण कर बनाई गई थीं और इनके लिए कोई वैध नक्शा पास नहीं कराया गया था। नियमों के उल्लंघन के चलते इन्हें गिराया गया।
12 मार्च को हुई थी दोहरी हत्या
गौरतलब है कि 12 मार्च को सैजनी स्थित हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) के बायोगैस प्लांट में उप महाप्रबंधक सुधीर गुप्ता और प्रबंधक हर्षित मिश्रा की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। दोनों अधिकारियों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया था।
घटना के बाद पुलिस और आरोपी के बीच मुठभेड़ हुई, जिसमें आरोपी के पैर में गोली लगी। इसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। फिलहाल वह जेल में है और मामले की जांच जारी है।

ठेका रद्द होने से था नाराज
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी का प्लांट से जुड़ा ठेका पहले ही रद्द कर दिया गया था और उसे ब्लैकलिस्ट कर दिया गया था। इसी रंजिश में उसने इस जघन्य वारदात को अंजाम दिया।
‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत कार्रवाई
प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई अवैध निर्माण के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान और सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत की गई है। आरोपी की अन्य संपत्तियों की भी जांच की जा रही है।
इलाके में बढ़ाई गई सुरक्षा
घटना और कार्रवाई के बाद क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि आरोपी के दबदबे के कारण पहले शिकायतों पर कार्रवाई नहीं हो पाती थी, लेकिन अब प्रशासन की सख्ती से राहत मिली है।











