आशीष प्रसाद (संवाददाता रांची)
VAT SAVITRI PUJA : आज यानी 16 मई को देश भर में सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र और सुख-समृद्धि के लिए वट सावित्री का व्रत रख रही हैं. इस दिन बरगद (वट) के पेड़ की पूजा और परिक्रमा का सबसे ज्यादा महत्व होता है. पूरे देश भर में अमावस्या तिथि पर वट सावित्री व्रत श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। सुबह से ही क्षेत्र के विभिन्न गांवों, कस्बों और मंदिरों के पास स्थित बरगद के पेड़ों पर सुहागिन महिलाओं की भारी भीड़ देखी गई।
महिलाओं ने पारंपरिक वेशभूषा में सजकर हाथों में पूजा की थाल लेकर वट वृक्ष की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। उन्होंने अपने पति की लंबी आयु और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की।
पूजा के दौरान महिलाओं ने बरगद के वृक्ष के चारों ओर धागा बांधकर परिक्रमा की। उन्होंने वट सावित्री व्रत कथा का श्रवण भी किया।
कई स्थानों पर महिलाओं ने सामूहिक रूप से सावित्री-सत्यवान की कथा सुनी और अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद मांगा। पूजा स्थलों पर सुबह से दोपहर तक चहल-पहल बनी रही, जिससे पूरा माहौल भक्तिमय हो गया।
ग्रामीण क्षेत्रों में भी वट सावित्री पर्व को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिला। महिलाओं ने एक-दूसरे को सिंदूर लगाकर शुभकामनाएं दीं। धार्मिक मान्यता के अनुसार, वट सावित्री व्रत सुहागिन महिलाओं के लिए विशेष महत्व रखता है, जिसके चलते यह पर्व हर वर्ष पूरे श्रद्धा भाव के साथ मनाया जाता है। इस सौभाग्य का पर्व में गाँव के बरगद के पेड़ में पूजा अर्चना करने पहुंचे नमिता देवी, नवविवाहित स्वाति कुमारी, रूबी देवी, कुंती देवी, सरस्वती देवी, मीरा देवी, संध्या देवी, गंगा देवी, मधु देवी, समेत तमाम सुहागिन महिलाएं पूरे उत्साह के साथ पूजा अर्चना किये।










