रांची - टेंडर घोटाले के आरोपी पूर्व मंत्री आलमगीर आलम द्वारा दायर याचिका पर झारखंड हाईकोर्ट में सुनवाई पूरी हो गई है। इस याचिका में उन्होंने अपनी डिस्चार्ज पिटीशन खारिज किए जाने और निचली अदालत द्वारा आरोप तय किए जाने के फैसले को चुनौती दी है। मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद की अदालत में हुई। सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है।
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की ओर से अधिवक्ता जोहेब हुसैन, एके दास और सौरव कुमार ने पक्ष रखा। गौरतलब है कि इस टेंडर घोटाला मामले में ईडी ने पूर्व मंत्री आलमगीर आलम, उनके आप्त सचिव संजीव लाल और उनके नौकर जहांगीर आलम के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया है। अब इस मामले में हाईकोर्ट के फैसले का इंतजार किया जा रहा है, जो आगे की कानूनी प्रक्रिया को तय करेगा।











