लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार ने भीषण गर्मी के बीच प्रदेश के छोटे बिजली उपभोक्ताओं को एक बड़ी मानवीय राहत प्रदान की है। अब कम लोड वाले घरेलू उपभोक्ताओं का बिजली कनेक्शन स्मार्ट मीटर का बैलेंस खत्म होने या नेगेटिव (ऋण) में जाने पर भी तुरंत नहीं काटा जाएगा। सरकार के इस फैसले का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आर्थिक तंगी या तकनीकी कारणों से रिचार्ज न कर पाने वाले लोगों को इस तपा देने वाली गर्मी में अंधेरे में न रहना पड़े।
लोड के अनुसार राहत की नई व्यवस्था
नई नीति के अनुसार, 1 किलोवाट तक के कनेक्शन वाले उपभोक्ताओं को सबसे बड़ी राहत मिली है। यदि उनका बैलेंस नेगेटिव हो जाता है, तब भी पूरे एक महीने तक उनकी बिजली आपूर्ति बाधित नहीं की जाएगी। वहीं, 2 किलोवाट लोड वाले उपभोक्ताओं के लिए यह सीमा 200 रुपये तय की गई है। यानी अगर उनका बैलेंस माइनस 200 रुपये तक भी पहुंच जाता है, तो उनकी सप्लाई जारी रहेगी ताकि उन्हें रिचार्ज करने का पर्याप्त समय मिल सके।
छुट्टी के दिन नहीं कटेगा कनेक्शन और 'कन्वर्जन पीरियड' की सुविधा
ऊर्जा मंत्रालय ने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि रविवार या किसी भी राजपत्रित अवकाश (सरकारी छुट्टी) के दिन बैलेंस खत्म होने पर कनेक्शन नहीं काटा जाएगा। इसके अतिरिक्त, जिन क्षेत्रों में हाल ही में स्मार्ट मीटर लगाए गए हैं, वहां उपभोक्ताओं को सिस्टम समझने के लिए खास छूट दी गई है। इसके तहत पहले 15 दिन का 'कन्वर्जन पीरियड' होगा और उसके बाद अगले 30 दिनों तक किसी भी स्थिति में कनेक्शन काटने पर रोक रहेगी।
पारदर्शिता के लिए 5-लेवल SMS अलर्ट सिस्टम
उपभोक्ताओं को जागरूक रखने के लिए सरकार ने बिजली विभाग को सख्त निर्देश दिए हैं कि कनेक्शन काटने की प्रक्रिया से पहले 5 अनिवार्य संदेश (SMS) भेजे जाएं। यह अलर्ट सिस्टम तब शुरू होगा जब बैलेंस 30% बचेगा। इसके बाद 10% शेष रहने पर, बैलेंस शून्य होने पर, कनेक्शन कटने से एक दिन पूर्व और अंत में कनेक्शन कटने के बाद मैसेज भेजकर उपभोक्ता को सूचित किया जाएगा। विभाग को यह भी सुनिश्चित करने को कहा गया है कि किसी भी प्रकार की लापरवाही न हो और शिकायतों का त्वरित निस्तारण किया जाए।
गुणवत्ता जांच के लिए आईआईटी विशेषज्ञों की समिति
स्मार्ट मीटरों की सटीकता और गुणवत्ता को लेकर उठ रहे सवालों के समाधान के लिए एक उच्च स्तरीय जांच समिति का गठन किया गया है। इस समिति में आईआईटी कानपुर के विशेषज्ञों समेत अन्य तकनीकी दिग्गजों को शामिल किया गया है। यह टीम 10 दिनों के भीतर अपनी विस्तृत रिपोर्ट सौंपेगी, जिसके आधार पर भविष्य में मीटरिंग व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी और उपभोक्ता-हितैषी बनाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे। इसके साथ ही, बिजली विभाग को गर्मी के दौरान मेंटेनेंस कार्यों को प्राथमिकता देने और निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए भी जवाबदेह बनाया गया है।











