रिपोर्ट - श्री संजय कुमार पाण्डेय,ज्योतिषाचार्य
कुंडली में बहुत प्रकार के दोष और योग पाए जाते हैं। जैसे— पितृ दोष, गुरु चांडाल दोष, मंगल दोष आदि। इसी प्रकार कुंडली में एक दोष होता है, जिसे ग्रहण दोष कहा जाता है।
जब कुंडली में सूर्य या चंद्रमा के साथ राहु एक ही भाव या एक ही घर में बैठ जाता है, तब ग्रहण दोष बनता है।
- जब सूर्य और राहु एक साथ हों, तो सूर्य ग्रहण दोष बनता है।
- जब चंद्रमा और राहु एक साथ हों, तो चंद्र ग्रहण दोष बनता है।
कुंडली में यदि सबसे अधिक खराब योग माना जाए, तो वह ग्रहण दोष ही माना जाता है।
यदि किसी जातक की कुंडली में सूर्य और राहु की युति एक साथ हो, तो उसकी कुंडली में ग्रहण दोष का योग बन जाता है।
सूर्य ग्रहण दोष के दुष्परिणाम
सूर्य ग्रहण दोष के कारण जातक को बहुत बुरे परिणाम देखने को मिलते हैं। इसके नुकसान निम्न प्रकार से होते हैं—
- सबसे पहले जीवन में शुभ कार्य होना बंद हो जाता है
- व्यक्ति को अपयश का शिकार बना देता है
- सरकारी नौकरी प्राप्त करने में परेशानी का सामना करना पड़ता है
- सरकार की ओर से दंडित होना पड़ता है
- सरकार के शासन से नुकसान उठाना पड़ता है
- सरकारी तंत्र से किसी भी प्रकार का लाभ नहीं मिल पाता
- पिता से विचारधारा मेल नहीं खाती
- पिता के साथ विचारों का मतभेद बना रहता है
- पिता सबसे बड़े शत्रु के समान प्रतीत होने लगते हैं
- सूर्य ग्रहण दोष सबसे अधिक करियर में नुकसान पहुंचाता है
- समाज में मान-सम्मान की भारी कमी देखी जाती है
चंद्र ग्रहण दोष के दुष्परिणाम
यदि किसी जातक की कुंडली में चंद्र ग्रहण दोष होता है, तो उसके जीवन में निम्न समस्याएं देखने को मिलती हैं—
- जातक मानसिक रूप से परेशान रहता है
- सामाजिक रूप से पागलपन जैसी स्थिति उत्पन्न हो सकती है
- बार-बार आत्महत्या करने का विचार मन में आता है या प्रयास करता है
- घर में मन नहीं लगता
- किसी की बात अच्छी नहीं लगती
- चंद्र और राहु का ग्रहण दोष होने पर ऐसे लक्षण स्पष्ट रूप से देखे जाते हैं
सूर्य और राहु से बने ग्रहण दोष के उपाय
A. पिता का मान-सम्मान करें
B. पिता की शारीरिक सेवा करें
C. प्रतिदिन सुबह स्नान करके सूर्य भगवान को जल अर्पित करें
D. बासी भोजन खाने से बचें
E. सप्ताह में एक दिन नमक का त्याग करें, साथ ही उस दिन सरसों तेल और अदरक का सेवन न करें
F. झूठा भोजन करने से बचें
इन उपायों से सूर्य ग्रहण दोष कम होता है और कुंडली में सूर्य ग्रह मजबूत होता है।
चंद्र और राहु से बने चंद्र ग्रहण दोष के उपाय
A. माता का सम्मान करें और स्त्रियों का सम्मान करें
B. सोमवार के दिन शिव मंदिर जाकर शिवलिंग का दर्शन करें और शिव पूजन करें, शिव मंत्र का 108 बार रुद्राक्ष की माला से जप अवश्य करें
C. रात में दूध का सेवन करें
D. मसालेदार भोजन से बचें
E. फास्ट फूड का सेवन न करें
F. प्रतिदिन रात को सोने से पहले रुद्राष्टक का पाठ अवश्य करें, इससे बहुत लाभ होगा
इन सभी उपायों को करने से चंद्र-राहु से बना ग्रहण दोष तथा सूर्य-राहु से बना ग्रहण दोष दोनों में निश्चित रूप से आराम मिलता है। ग्रहण दोष से राहत मिलती है और जीवन के कार्यों में लाभ मिलने लगते हैं।










