रांची: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में मंगलवार को झारखंड मंत्रालय में झारखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकार की समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें राज्य में आपदा प्रबंधन से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में विभिन्न योजनाओं, राहत प्रक्रियाओं और आपदा से निपटने की तैयारियों पर विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक के दौरान अदर डिजास्टर मैनेजमेंट प्रोग्राम (ODMP) योजना के अंतर्गत जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकार के तहत कार्यरत क्षमता संवर्धन पदाधिकारी और जिला आपदा प्रबंधन पदाधिकारी की सेवा अवधि विस्तार को मंजूरी दी गई। साथ ही वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए उनके कार्यकाल को आगे बढ़ाने की स्वीकृति भी प्रदान की गई।
स्थानीय आपदाओं में मृत व्यक्तियों के आश्रितों को दिए जाने वाले अनुग्रह अनुदान की प्रक्रिया को सरल बनाने पर सहमति बनी। अब मृतक के आश्रितों को उनके गृह जिले के उपायुक्त द्वारा घटना का सत्यापन कराने के बाद अनुग्रह राशि उपलब्ध कराई जाएगी। इसके साथ ही अनुग्रह राशि के दोहरे भुगतान को रोकने के लिए सत्यापन प्रक्रिया को अनिवार्य करने का निर्णय लिया गया। यह भी तय किया गया कि यदि कोई व्यक्ति राज्य या केंद्र सरकार की किसी बीमा योजना से आच्छादित है, तो उसे या तो आपदा प्रबंधन के तहत अनुग्रह राशि मिलेगी या बीमा की राशि, दोनों का लाभ एक साथ नहीं दिया जाएगा।
सड़क दुर्घटनाओं में मृत व्यक्तियों के आश्रितों को मिलने वाली अनुग्रह राशि को बढ़ाकर 4 लाख रुपए करने का निर्णय लिया गया। पहले यह राशि 1 लाख रुपए थी, जिसे अब अन्य चिन्हित आपदाओं के बराबर कर दिया गया है।
बैठक में दुमका, गोड्डा, पाकुड़ और साहिबगंज जिलों में संचालित युवा आपदा मित्र योजना की समीक्षा करते हुए इससे जुड़े स्वयंसेवकों का डेटाबेस तैयार करने और उसे इमरजेंसी रिस्पांस सपोर्ट सिस्टम (ERSS) से जोड़ने का निर्णय लिया गया। मुख्यमंत्री ने इस संबंध में मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) तैयार करने और कार्य के दौरान स्वयंसेवकों को भत्ता देने के प्रस्ताव पर काम करने का निर्देश दिया।
राज्य में पानी में डूबने से होने वाली घटनाओं को देखते हुए गोताखोरों की संख्या बढ़ाने पर भी जोर दिया गया। वर्तमान में चिन्हित गोताखोरों को प्रशिक्षण देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई और पुलिस जवानों, गृह रक्षकों के साथ-साथ महिलाओं को भी इसमें शामिल करने के लिए कार्य योजना तैयार करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में आपदा प्रबंधन मंत्री डॉ. इरफान अंसारी, मुख्य सचिव अविनाश कुमार, अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह, सचिव प्रशांत कुमार, सचिव विप्रा भाल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।









