दुमका - सदर प्रखंड के माचखिचा गांव के लेखा होड़ संताल गांव संचालक के पहल पर ग्रामीणों द्वारा पारंपरिक पूजा स्थल मंझी थान में साप्ताहिक पूजा की शुरुआत की गई। इस अवसर पर गांव के महिला, पुरुष, बुजुर्ग और बच्चों ने सामूहिक रूप से मांझी थान में एकत्र होकर पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार धूप, अगरबत्ती, जल, लड्डू, गुड़, चूड़ा, पानी आदि अर्पित कर पूजा-अर्चना की। इस अवसर पर बच्चों को सकारात्मक जीवन मूल्यों के प्रति प्रेरित करने हेतु विशेष प्रार्थना की गई, जिसमें नशा से दूर रहने, नियमित विद्यालय जाने, माता-पिता एवं बुजुर्गों का सम्मान करने का संदेश दिया गया। पूजा के उपरांत सभी श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।
इस संबंध में लेखा होड़ ने बताया कि वर्तमान समय में धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक परंपराओं को संरक्षित रखने तथा बच्चों को सकारात्मक जीवन मूल्यों की ओर प्रेरित करने के उद्देश्य से इस साप्ताहिक मंझी थान पूजा की शुरुआत की गई है। यह पूजा संताल आदिवासी समाज के आराध्य देव मरांग बुरु के प्रति श्रद्धा व्यक्त करने हेतु आयोजित की जाती है। इस साप्ताहिक पूजा में राजा मरांडी, पलटन हेम्ब्रम और समाजसेवी सच्चिदानंद सोरेन के साथ दर्जनों की संख्या में महिला, पुरुष, बुजुर्ग एवं बच्चे उपस्थित थे।










