पटना - भोजपुर के भरत तिवारी एनकाउंटर मामले को लेकर सियासत से लेकर प्रशासनिक स्तर तक घमासान मचा हुआ है। इसी बीच बिहार पुलिस मुख्यालय ने इस मामले में गंभीर चूक की बात स्वीकार की है। इस संबंध में एडीजी सुधांशु कुमार ने एसएचओ सहित 5 पुलिसकर्मियों को लापरवाही के आरोप में सस्पेंड कर दिया है। साथ ही बताया कि मामले की निष्पक्ष जांच हो इसलिए हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज के नेतृत्व में में न्यायिक आयोग का गठन किया गया है।
एडीजी ने आगे कहा कि भोजपुर के भरत तिवारी एनकाउंटर मामले को पुलिस के द्वारा 16 जून को ही हैंडल कर लेनी चाहिए थी। जब पुलिस भरत तिवारी के खिलाफ कार्रवाई करने गई थी। उस समय पुलिस के स्तर पर गंभीर चूक हुई थी। साथ ही उन्होंने एनकाउंटर को लेकर बहुत बड़ी बात कही है। उन्होंने कहा कि किसी भी एनकाउंटर को पुलिस की सफलता नहीं मानी जा सकती है। अब सभी की निगाहें न्यायिक आयोग की जांच पर टिकी हैं।









