(दीनानाथ मौआर, संवाददाता, औरंगाबाद)
औरंगाबाद - राजनीति और विचारधारा की सीमाएं मिटाकर आज औरंगाबाद के विभिन्न राजनीतिक दल और सामाजिक संगठन एक मंच पर आए और NH-139 फोरलेन संघर्ष समिति के बैनर तले अनुग्रह उच्च विद्यालय के सामने एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया। इस लोगों की मांग थी कि केंद्र और राज्य सरकार NH-139 को फोरलेन बनाए।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि औरंगाबाद से पटना जाने वाला NH-139 अब ‘मौत की सड़क’ बन चुकी है। हर साल इस सड़क पर हुए हादसों में 2 से 3 सौ लोगों की जान चली जाती है। ऐसा शायद ही कोई दिन गुजरता हो जब यहां कोई दुर्घटना न हो।
इस संबंध में स्वर्ण एकता मंच के प्रवक्ता सौरभ कुमार सिंह ने कहा कि 2025 में केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने NH-139 के निर्माण के लिए 500 करोड़ रुपये से अधिक की राशि देने की घोषणा की थी। लेकिन वह जमीन पर नहीं उतर सकी। झारखंड में डाल्टनगंज से हरिहरगंज तक फोरलेन बन चुका है, मगर औरंगाबाद से पटना तक की सड़क आज भी पुरानी हालत में है।
वहीं भाजपा के पूर्व प्रवक्ता रामानुज पांडे ने सरकार से फोरलेन बनाने की मांग करते हुए कहा कि अगर उनकी मांग नहीं मानी गई तो इस आंदोलन की आवाज सड़क से सदन तक गूंजेगी।
राजद प्रवक्ता सुबोध कुमार सिंह ने कहा कि फोरलेन की मांग को लेकर अब औरंगाबाद की जनता चुप नहीं बैठेगी। जरूरत पड़ी तो विधानसभा का घेराव किया जाएगा और दिल्ली के जंतर-मंतर पर भी आंदोलन होगा।








