(चंदन सिंह, संवाददाता, बोकारो)
बोकारो - स्कूली शिक्षा को लेकर राज्य सरकार और जिला प्रशासन की ओर से हमेशा बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं। स्कूलों में बच्चों को बेहतर शिक्षा और तमाम मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की बात कही जाती है। लेकिन बोकारो के पिंडराजोड़ा क्षेत्र में स्थित नव प्राथमिक विद्यालय वीरटांड, चास – 02 की तस्वीर इन दावों की जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां करती है।
इस स्कूल तक पहुंचना ही बच्चों के लिए किसी चुनौती से कम नहीं है। विद्यालय तक जाने वाला रास्ता खेतों के बीच से होकर गुजरता है और छोटे-छोटे बच्चे खेतों के किनारे बने संकरे रास्ते से स्कूल पहुंचते हैं। रास्ते में एक बड़ा कुआं भी है, जिसके किनारे से होकर बच्चों को गुजरना पड़ता है। ऐसे में हर दिन किसी अनहोनी का खतरा बना रहता है।
वहीं विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक के अनुसार, स्कूल में आज तक बिजली की सुविधा उपलब्ध नहीं है। बरसात के दिनों में कच्चा रास्ता कीचड़ से भर जाता है, जिससे नन्हे बच्चों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने आगे बताया कि इस संबंध में संबंधित विभाग को कई बार आवेदन दिया गया, लेकिन अब तक आश्वासन के अलावा कोई ठोस पहल नहीं हुई है। वहीं स्कूल के बच्चे भी चाहते हैं कि उन्हें अन्य स्कूलों की तरह मूलभूत सुविधाएं मिलें। इंतजार रहेगा कि बीरटांड के इन नन्हे बच्चों की समस्याओं का समाधान कब तक हो पाता है।








