लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजनीति और प्रशासनिक व्यवस्था से जुड़ी एक बड़ी खबर राजधानी लखनऊ से सामने आई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में लोकभवन में राज्य कैबिनेट की अहम बैठक शुरू हो गई है। इस बैठक में कुल 29 महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर चर्चा की जा रही है, जिनमें शिक्षा, स्वास्थ्य, शहरी विकास, परिवहन, उद्योग, आपदा प्रबंधन, पुनर्वासन, आधारभूत संरचना और डिजिटल सेवाओं से जुड़े फैसले शामिल हैं।
सबसे बड़ी बात यह है कि योगी सरकार माध्यमिक व बेसिक शिक्षकों, शिक्षामित्रों, रसोइयों और कर्मचारियों को बड़ा तोहफा देने की तैयारी में है। प्रस्तावों में पांच लाख रुपये तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा देने का प्रावधान शामिल है, जिससे लाखों कर्मचारियों और उनके परिवारों को सीधा लाभ मिलेगा।
बैठक के प्रमुख प्रस्ताव (Highlights of 29 Proposals)
- अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा।
- बेसिक शिक्षा परिषद के शिक्षकों व कर्मचारियों को कैशलेस इलाज का लाभ।
- अमृत मिशन 2.0 के तहत गोरखपुर व वाराणसी में सीवरेज परियोजना (₹72,140.41 लाख)।
- यूपी नगर निगम (आकाश चिन्ह व विज्ञापन विनियमन) नियमावली 2026 लागू।
- उत्तर प्रदेश शहरी पुनर्विकास नीति 2026 लागू।
- परिवहन विभाग में फेसलेस सेवाओं के लिए नियमावली संशोधन।
- बरेली व मुरादाबाद में विज्ञान पार्क और नक्षत्रशाला की स्थापना।
- मुख्यमंत्री अध्येतावृत्ति योजना से जुड़े नियमों में संशोधन।
- गन्ना मूल्य भुगतान हेतु ऋण व्यवस्था।
- नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) विस्तार हेतु भूमि अधिग्रहण।
- यूपी इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण नीति 2020 में संशोधन।
- मोहनसराय–उपाध्याय नगर–चकिया मार्ग चौड़ीकरण परियोजना।
- देवरिया–कसया मार्ग चौड़ीकरण परियोजना।
- उप निबंधक कार्यालयों में दस्तावेजों का डिजिटलीकरण।
- नोएडा में मेट्रोपॉलिटन कॉर्पोरेशन गठन पर निर्णय।
- उप खनिज रॉयल्टी व डेडरेंट दरों में संशोधन।
- आपदा प्रभावित परिवारों के पुनर्वास हेतु भूमि व्यवस्था।
- पूर्वी पाकिस्तान (बांग्लादेश) से विस्थापित हिंदू बंगाली परिवारों का पुनर्वासन।
- त्रिस्तरीय पंचायती राज संस्थाओं का वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत।
- पीएम मित्रा टेक्सटाइल पार्क के लिए औद्योगिक जलापूर्ति परियोजना।
- यूपी ईंट भट्ठा स्थापना नियमावली संशोधन 2026।
- आईटी व इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग नीति संशोधन।
- मोहनसराय–चकिया मार्ग परियोजना (दोहराव प्रस्ताव)।
- देवरिया–कसया मार्ग परियोजना (दोहराव प्रस्ताव)।
- स्टाम्प एवं रजिस्ट्रेशन विभाग डिजिटाइजेशन प्रस्ताव।
- अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास विभाग – नोएडा मेट्रोपॉलिटन कॉर्पोरेशन।
- भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग – रॉयल्टी दर संशोधन।
- राजस्व एवं आपदा विभाग – आपदा प्रभावितों का पुनर्वास।
- राजस्व एवं आपदा विभाग – विस्थापित हिंदू बंगाली परिवारों का पुनर्वासन।
कैबिनेट बैठक का महत्व
यह बैठक उत्तर प्रदेश के विकास मॉडल को नई दिशा देने वाली मानी जा रही है। एक ओर जहां शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में सामाजिक सुरक्षा को मजबूत किया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर शहरी विकास, आधारभूत ढांचा, डिजिटल सेवाएं और औद्योगिक निवेश को गति देने के प्रस्ताव भी शामिल हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, कैशलेस इलाज की सुविधा और डिजिटलाइजेशन जैसे फैसले राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और जनहितकारी बनाएंगे।
सीएम योगी की अध्यक्षता में हो रही यह कैबिनेट बैठक उत्तर प्रदेश के भविष्य की दिशा तय करने वाली साबित हो सकती है। 29 प्रस्तावों के जरिए सरकार ने शिक्षा, स्वास्थ्य, विकास और सामाजिक सुरक्षा—चारों क्षेत्रों में संतुलित विकास का स्पष्ट संकेत दिया है।









