RANCHI BANK STRIKE: यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन्स के आह्वान पर देश भर में बैंक कर्मचारियों ने एक दिवसीय सांकेतिक हड़ताल की। इसके चलते सरकारी बैंकों का कामकाज बुरी तरह प्रभावित हुआ और ग्राहकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
राजधानी रांची में यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन्स की स्थानीय इकाई के बैंक अधिकारी और कर्मचारी पूरे दिन हड़ताल पर रहे। झारखण्ड ग्रामीण बैंक के क्षेत्रीय कार्यालय पर बैंक कर्मियों ने धरना-प्रदर्शन किया। हड़ताल की पूर्व सूचना न होने के कारण बड़ी संख्या में ग्राहक बैंक शाखाओं पर पहुंचे, लेकिन उन्हें बंद देखकर निराश लौटना पड़ा।
जिले की कई सरकारी बैंक शाखाओं में कामकाज पूरी तरह ठप रहा, जिससे करोड़ों रुपये का लेनदेन प्रभावित हुआ। हालांकि, प्राइवेट सेक्टर के बैंकों पर हड़ताल का कोई खास असर नहीं दिखा; धरना-प्रदर्शन के दौरान बैंक कर्मियों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने उनकी पांच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह की मांग पर विचार नहीं किया, तो आगामी चुनावों में इसका असर देखने को मिल सकता है। बैंक कर्मियों का कहना है कि देशभर में लगभग 10 लाख बैंक कर्मचारी हैं, और उनके परिवारों को जोड़ने पर यह संख्या 40 से 50 लाख मतदाताओं तक पहुंचती है, जो चुनावी परिणामों को प्रभावित कर सकते हैं।








