प्रयागराज | विशेष रिपोर्ट
प्रयागराज की पावन संगम धरती पर 3 जनवरी 2026 से विश्व के सबसे बड़े धार्मिक और आध्यात्मिक आयोजन माघ मेले की भव्य शुरुआत होने जा रही है। महाकुंभ 2025 के बाद आयोजित हो रहे इस माघ मेले को लेकर योगी सरकार पूरी तरह से तैयारियों में जुट गई है।
सरकारी अनुमान के मुताबिक, पूरे माघ मेले के दौरान 12 से 15 करोड़ श्रद्धालु संगम में स्नान और पूजा-अर्चना के लिए पहुंच सकते हैं। श्रद्धालुओं की इस भारी भीड़ से संगम तट पर वर्षों से नाव संचालन कर रहे नाविकों को बड़े पैमाने पर रोजगार मिलने की उम्मीद है।
माघ मेले में 6000 नावें होंगी तैनात
नाविक संघ के अध्यक्ष पप्पू लाल निषाद ने बताया कि
- वर्तमान में संगम तट पर करीब 3000 नावें मौजूद हैं
- माघ मेले को देखते हुए आसपास के जिलों से 3000 अतिरिक्त नावें लाई जा रही हैं
- इस तरह मेले के दौरान कुल 6000 नावें श्रद्धालुओं की सेवा में रहेंगी
नाविकों का कहना है कि वे श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए पूरी तरह तैयार हैं और नावों को सजाया-संवारा जा रहा है।
महाकुंभ की कमाई से बढ़ी उम्मीदें
महाकुंभ 2025 के दौरान नाविकों की आमदनी चर्चा का विषय रही थी।
हजारों नावों के मालिक पिंटू महारा ने 30 करोड़ रुपये से अधिक की कमाई की थी, जिसका उल्लेख खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सदन में किया था।
इसी को देखते हुए नाविकों को उम्मीद है कि माघ मेला 2026 भी उनके लिए आर्थिक रूप से लाभकारी साबित होगा।
किराया बढ़ाने और बीमा की मांग
हालांकि, नाविक संघ ने प्रयागराज मेला प्राधिकरण के सामने कई अहम मांगें रखी हैं—
- नाव किराया सूची को दोगुना किया जाए
- मौजूदा किराया सूची महाकुंभ 2025 की पुरानी है
- प्राइवेट मोटर बोट के संचालन पर रोक लगे
- इससे स्थानीय नाविकों के रोजगार पर असर पड़ता है
- हर नाविक को मुफ्त लाइफ जैकेट दी जाए
- प्रत्येक नाविक का 50 लाख रुपये का बीमा कराया जाए
- ताकि दुर्घटना की स्थिति में परिवार को आर्थिक सुरक्षा मिल सके
नाविक बोले— श्रद्धालु हमारे लिए अतिथि हैं
संगम तट पर वर्षों से नाव चला रहे विक्कू निषाद ने कहा—
“माघ मेले में आने वाला हर श्रद्धालु हमारे लिए अतिथि है। हम उनकी सेवा में कोई कमी नहीं छोड़ेंगे, लेकिन हमारी बुनियादी जरूरतों पर भी शासन-प्रशासन को ध्यान देना चाहिए।”
नाविकों का कहना है कि वे सुरक्षा, सुविधा और सम्मान के साथ श्रद्धालुओं की सेवा करना चाहते हैं।
श्रद्धा, सेवा और रोजगार का संगम
माघ मेला 2026 न सिर्फ धार्मिक आस्था का महापर्व होगा, बल्कि यह हजारों नाविक परिवारों के लिए रोजगार और आजीविका का बड़ा जरिया भी बनेगा। अब देखना होगा कि प्रशासन नाविकों की मांगों पर क्या फैसला लेता है।









