लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान मंगलवार को कोडीन युक्त कफ सिरप के मुद्दे पर जोरदार बहस देखने को मिली। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस विषय पर विपक्षी समाजवादी पार्टी (सपा) को निशाने पर लेते हुए कई गंभीर आरोप लगाए। मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि कोडीन सिरप के कारण उत्तर प्रदेश में एक भी मौत दर्ज नहीं हुई है, जबकि इस तरह की मौतें अन्य राज्यों में हुई हैं, जिनका संबंध तमिलनाडु में निर्मित कफ सिरप से है।
“यूपी में नहीं हुई एक भी मौत” – सीएम योगी
सदन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि विपक्ष भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने इस मामले की पूरी गंभीरता से जांच कराई है और तथ्यों के आधार पर यह स्पष्ट है कि यूपी में कोडीन युक्त कफ सिरप से किसी भी व्यक्ति की मौत नहीं हुई है।
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि जिन राज्यों में मौतें हुई हैं, वहां इस्तेमाल किया गया सिरप तमिलनाडु में निर्मित था, न कि उत्तर प्रदेश में।
एसटीएफ की कार्रवाई का जिक्र, सपा सरकार पर लगाए आरोप
सीएम योगी ने बताया कि यूपी एसटीएफ द्वारा जिन बड़े होलसेलरों को पकड़ा गया है, उन्हें लाइसेंस समाजवादी पार्टी की सरकार के दौरान जारी किए गए थे। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार ने अवैध कारोबार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है और किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।
‘चोर की दाढ़ी में तिनका’ वाला बयान
सपा विधायक अतुल प्रधान द्वारा उठाए गए सवालों और उपमुख्यमंत्री के साथ आरोपी की तस्वीर दिखाने पर मुख्यमंत्री ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इसे “चोर की दाढ़ी में तिनका” करार देते हुए कहा कि जिन लोगों की भूमिका संदिग्ध होती है, वही इस तरह के आरोप लगाते हैं।
‘बबुआ’ पर तंज और विदेश यात्रा का जिक्र
विधानसभा में चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री योगी ने दिल्ली और उत्तर प्रदेश के नेताओं की तुलना करते हुए कहा कि देश में दो तरह के “नमूने” हैं, जिनमें से एक यहां सदन में बैठते हैं।
नेता प्रतिपक्ष पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि उन्हें लगता है कि यहां के “बबुआ” भी जल्द ही इंग्लैंड की सैर-सपाटे पर निकल जाएंगे। सीएम ने आरोप लगाया कि जब भी देश या प्रदेश में किसी गंभीर मुद्दे पर चर्चा होती है, तो कुछ नेता तुरंत विदेश चले जाते हैं।
सीएम के बयान के बाद सपा का वॉकआउट
मुख्यमंत्री योगी के इस तीखे और आक्रामक भाषण के बाद सदन में माहौल गर्म हो गया। नाराज समाजवादी पार्टी के विधायकों ने मुख्यमंत्री के बयान का विरोध करते हुए सदन से वॉकआउट कर दिया।









