भारतीय क्रिकेट जगत और बॉलीवुड के गलियारों में इस समय एक बड़ा विवाद गरमाया हुआ है। आईपीएल 2026 (IPL 2026) की नीलामी के बाद कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) के मालिक और बॉलीवुड सुपरस्टार शाहरुख खान निशाने पर आ गए हैं। विवाद की जड़ है बांग्लादेशी तेज गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान को केकेआर टीम में शामिल करना।
जहाँ एक तरफ हिंदू संगठनों और भाजपा नेताओं ने मोर्चा खोल दिया है, वहीं मौलाना शहाबुद्दीन रिजवी बरेलवी शाहरुख खान के बचाव में उतर आए हैं। आइए जानते हैं क्या है यह पूरा विवाद और किसने क्या कहा।
विवाद की शुरुआत: मुस्तफिजुर रहमान की नीलामी
दिसंबर 2025 में हुई आईपीएल 2026 की नीलामी के दौरान शाहरुख खान की टीम कोलकाता नाइट राइडर्स ने बांग्लादेशी गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान को 9.20 करोड़ रुपये में खरीदा। बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों (हिंदुओं) पर हो रहे कथित अत्याचारों और वहां के अस्थिर राजनीतिक माहौल के बीच, एक बांग्लादेशी खिलाड़ी को इतनी बड़ी रकम दिए जाने पर भारत में विरोध शुरू हो गया।
1. मौलाना शहाबुद्दीन रिजवी बरेलवी ने किया शाहरुख का बचाव
ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रिजवी बरेलवी ने शाहरुख खान का पुरजोर समर्थन किया है। उन्होंने विरोध करने वालों को आड़े हाथों लेते हुए कहा:
- मकसद गलत नहीं: शाहरुख खान का इरादा केवल अपनी टीम को मजबूत करना है, वह देश के खिलाफ नहीं हैं।
- गद्दार कहना गलत: शाहरुख जैसे बड़े अभिनेता को 'गद्दार' या 'आतंकी' कहना बेहद शर्मनाक है।
- मित्र राष्ट्र: मौलाना ने याद दिलाया कि बांग्लादेश भारत का एक मित्र देश है और खेल को राजनीति या धर्म से नहीं जोड़ना चाहिए।
2. संगीत सोम की तीखी चेतावनी: "शाहरुख गद्दार हैं"
उत्तर प्रदेश के फायरब्रांड भाजपा नेता संगीत सोम ने इस मुद्दे पर सबसे आक्रामक रुख अपनाया है। हरिद्वार में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने शाहरुख खान पर गंभीर आरोप लगाए:
- भारत में कदम नहीं रखने देंगे: संगीत सोम ने खुलेआम चेतावनी दी कि मुस्तफिजुर रहमान को भारत की धरती पर कदम नहीं रखने दिया जाएगा।
- जनता का पैसा और गद्दारी: सोम ने कहा कि शाहरुख ने भारत के लोगों से पैसा कमाया है और अब वही पैसा वे उन बांग्लादेशियों को दे रहे हैं जो भारतीयों से नफरत करते हैं।
- पिछला इतिहास: उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि शाहरुख खान कभी पाकिस्तान को चंदा देने की बात करते हैं तो कभी बांग्लादेशी खिलाड़ियों को करोड़ों देते हैं, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
3. हिंदू महासभा और फलाहारी महाराज का उग्र विरोध
विवाद इतना बढ़ गया कि हिंदू महासभा की जिला अध्यक्ष मीरा राठौर ने शाहरुख खान की जुबान काटने वाले को 1 लाख रुपये का इनाम देने की घोषणा कर डाली।
वहीं, दिनेश फलाहारी महाराज ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर मांग की है कि:
- शाहरुख खान की भारतीय संपत्ति जब्त की जाए।
- उन्हें तुरंत बांग्लादेश भेज दिया जाए।
- उनकी जांच की जाए कि कहीं उनके संबंध बांग्लादेशी आतंकवादियों से तो नहीं हैं।
4. देवकीनंदन ठाकुर और उज्जैन के पुजारियों का अल्टीमेटम
प्रसिद्ध कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर ने भी शाहरुख खान और BCCI को चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि अगर मुस्तफिजुर रहमान को टीम से नहीं निकाला गया, तो वे केकेआर (KKR) के बहिष्कार की अपील करेंगे। उज्जैन के पुजारियों ने तो यहाँ तक कह दिया है कि अगर खिलाड़ी मैदान पर उतरा, तो वे पिच खोद देंगे और मैच नहीं होने देंगे।
क्या कहता है क्रिकेट जगत?
राजनीतिक विरोध के बावजूद, तकनीकी रूप से BCCI ने बांग्लादेशी खिलाड़ियों के खेलने पर कोई प्रतिबंध नहीं लगाया है। मुस्तफिजुर रहमान को बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) से NOC भी मिल चुकी है। क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि खेल को कूटनीति का जरिया बनाना चाहिए न कि नफरत का, लेकिन मौजूदा माहौल को देखते हुए आईपीएल 2026 के दौरान सुरक्षा व्यवस्था एक बड़ी चुनौती होगी।
शाहरुख खान के लिए यह विवाद नया नहीं है, लेकिन इस बार मामला अंतरराष्ट्रीय संबंधों और धार्मिक भावनाओं से जुड़ गया है। अब देखना यह होगा कि क्या KKR और BCCI भारी विरोध के आगे झुकते हैं या खेल की जीत होती है।









