नेताजी सुभाष चंद्र बोस स्मृति मंच की सराहनीय सामाजिक पहल
रांची: देश की आज़ादी के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले महान स्वतंत्रता सेनानी नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 129वीं जयंती के अवसर पर रांची में एक भावनात्मक और प्रेरणादायी आयोजन देखने को मिला। नेताजी सुभाष चंद्र बोस स्मृति मंच की ओर से समाजसेवा की मिसाल पेश करते हुए यह जयंती दिव्यांग बच्चों के साथ मनाई गई।
इस विशेष अवसर पर मंच के मुख्य संरक्षक मृत्युंजय सिंह एवं अध्यक्ष सौरभ राय के नेतृत्व में रांची स्थित गुरुनानक होम फॉर हैंडीकैप्ड चिल्ड्रन में कार्यक्रम आयोजित किया गया, जहां बच्चों के चेहरों पर खुशी और मुस्कान देखते ही बन रही थी।
समाजसेवा के माध्यम से दी गई नेताजी को सच्ची श्रद्धांजलि
कार्यक्रम की शुरुआत नेताजी सुभाष चंद्र बोस के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि देने से हुई। मंच के मुख्य संरक्षक मृत्युंजय सिंह एवं माया सिंह ने नेताजी के चित्र पर फूल चढ़ाकर उन्हें नमन किया और उनके आदर्शों को जीवन में अपनाने का संदेश दिया।
इस अवसर पर उपस्थित सभी लोगों ने नेताजी के विचारों और उनके बलिदान को याद करते हुए राष्ट्रभक्ति और समाजसेवा के संकल्प को दोहराया।
दिव्यांग बच्चों के बीच बांटे गए स्कूल बैग, नाश्ता और टॉवेल
श्रद्धांजलि कार्यक्रम के पश्चात स्मृति मंच की ओर से दिव्यांग बच्चों के बीच स्कूल बैग, नाश्ता एवं टॉवेल का वितरण किया गया। बच्चों को उपयोगी सामग्री पाकर बेहद खुशी हुई।
कार्यक्रम का सबसे भावुक क्षण तब देखने को मिला जब बच्चों ने मुस्कुराते हुए मंच के सदस्यों का धन्यवाद किया। कई बच्चों ने अपने भाव भी व्यक्त किए, जिससे माहौल और भी आत्मीय हो गया।

“बच्चों की मुस्कान ही नेताजी को सच्ची श्रद्धांजलि” – मृत्युंजय सिंह
इस अवसर पर मंच के मुख्य संरक्षक मृत्युंजय सिंह ने कहा—
“नेताजी सुभाष चंद्र बोस का देश के प्रति योगदान शब्दों में नहीं बांधा जा सकता। उनका जीवन त्याग, साहस और राष्ट्रप्रेम का प्रतीक है। आज दिव्यांग बच्चों के साथ उनकी जयंती मनाकर जो संतुष्टि मिली है, वही हमारी सबसे बड़ी उपलब्धि है। इन बच्चों के चेहरे पर आई मुस्कान ही नेताजी को हमारी सच्ची श्रद्धांजलि है।” उन्होंने आगे कहा कि समाज के हर वर्ग को साथ लेकर चलना ही नेताजी के विचारों का सच्चा सम्मान है।
युवाओं के लिए आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं नेताजी – सौरभ राय
मंच के अध्यक्ष सौरभ राय ने कहा—
“नेताजी सुभाष चंद्र बोस के विचार और उनका पराक्रम आज के युवाओं के लिए भी उतने ही प्रेरणादायी हैं। उनका जीवन हमें यह सिखाता है कि यदि संकल्प मजबूत हो तो असंभव को भी संभव बनाया जा सकता है।” उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे राष्ट्रनिर्माण के साथ-साथ समाजसेवा को भी अपने जीवन का हिस्सा बनाएं।
सामाजिक जिम्मेदारी का बेहतरीन उदाहरण बना कार्यक्रम
यह आयोजन केवल एक जयंती समारोह नहीं बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी और संवेदनशीलता का उत्कृष्ट उदाहरण बनकर सामने आया। दिव्यांग बच्चों के साथ समय बिताकर मंच के सदस्यों ने यह संदेश दिया कि समाज का हर व्यक्ति सम्मान और स्नेह का अधिकारी है।
गुरुनानक होम फॉर हैंडीकैप्ड चिल्ड्रन के कर्मचारियों ने भी स्मृति मंच की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ाते हैं और उन्हें समाज से जुड़ाव का एहसास कराते हैं।
कार्यक्रम में इनकी रही उपस्थिति
इस अवसर पर नेताजी सुभाष चंद्र बोस स्मृति मंच से जुड़े कई पदाधिकारी और सदस्य उपस्थित रहे, जिनमें प्रमुख रूप से—
- मृत्युंजय सिंह (मुख्य संरक्षक)
- सौरभ राय (अध्यक्ष)
- विपुल पांडे
- असीम शौर्य
- गुरुदेव होनाहागा
- गुरुनानक होम फॉर हैंडीकैप्ड चिल्ड्रन के कर्मचारीगण
सभी ने कार्यक्रम को सफल बनाने में सक्रिय भूमिका निभाई।
नेताजी के विचारों से समाज को जोड़ने की पहल
कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस केवल इतिहास नहीं, बल्कि आज भी हमारे विचारों और कार्यों में जीवित हैं। समाज के कमजोर वर्ग के साथ उनकी जयंती मनाकर मंच ने यह साबित किया कि सच्ची राष्ट्रभक्ति सेवा और संवेदना से जुड़ी होती है।
नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 129वीं जयंती पर आयोजित यह कार्यक्रम रांची में समाजसेवा, प्रेरणा और मानवता का प्रतीक बन गया। दिव्यांग बच्चों के साथ मनाई गई यह जयंती न केवल यादगार रही, बल्कि समाज के लिए एक सकारात्मक संदेश भी छोड़ गई कि देशभक्ति का असली रूप सेवा और समर्पण में है।








