रिपोर्ट - चंदन वर्मा
रांची: झारखंड की राजधानी रांची में पिछले एक सप्ताह से अगलगी की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। ताजा मामला कांके रोड का है, जहां सोमवार देर रात एक दवा दुकान में भीषण आग लग गई। इस हादसे में लाखों रुपये की दवाइयां जलकर खाक हो गई हैं। पिछले 5 दिनों के भीतर शहर में यह तीसरी बड़ी घटना है, जिसने स्थानीय प्रशासन और व्यापारियों की चिंता बढ़ा दी है।
आधी रात को दवा दुकान में मची अफरा-तफरी
मिली जानकारी के अनुसार, कांके रोड स्थित इस मेडिसिन शॉप के मालिक रात को दुकान बंद कर घर चले गए थे। इसी बीच देर रात स्थानीय लोगों ने दुकान से आग की लपटें उठती देखीं और तुरंत मालिक और पुलिस को सूचना दी। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया। सूचना मिलते ही दमकल की गाड़ियां (Fire Brigade) मौके पर पहुंचीं और काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। हालांकि, तब तक दुकान में रखा स्टॉक पूरी तरह नष्ट हो चुका था।
क्यों लग रही है बार-बार आग?
गोंदा थाना प्रभारी अभय के मुताबिक, शुरुआती जांच में आग लगने का मुख्य कारण शॉर्ट सर्किट (Short Circuit) माना जा रहा है। पुलिस और फायर विभाग इस बात की जांच कर रहे हैं कि क्या सुरक्षा मानकों में कोई कमी थी।
5 दिनों में 3 घटनाएं: राजधानी में दहशत का माहौल
रांची में बीते एक सप्ताह के भीतर अगलगी की ये तीन बड़ी घटनाएं सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठा रही हैं:
- पर्ल ऑर्किड अपार्टमेंट (अरगोड़ा): शुक्रवार को अरगोड़ा-कटहल मोड़ रोड स्थित इस बहुमंजिला इमारत की 12वीं मंजिल पर आग लगी थी।
- सत्यम हार्डवेयर (अरगोड़ा): अपार्टमेंट की घटना के तुरंत बाद शनिवार को एक हार्डवेयर दुकान भीषण आग की चपेट में आ गई थी।
- दवा दुकान (कांके रोड): अब सोमवार रात दवा दुकान में हुई अगलगी ने व्यापारियों को सहमा दिया है।
आग से बचने के लिए क्या बरतें सावधानी?
विशेषज्ञों का कहना है कि सर्दियों के मौसम में हीटर और ओवरलोडिंग के कारण शॉर्ट सर्किट की संभावनाएं बढ़ जाती हैं। व्यापारियों को सलाह दी गई है कि:
- दुकान बंद करते समय मेन स्विच ऑफ करें।
- पुराने बिजली के तारों और वायरिंग की समय-समय पर जांच कराएं।
- दुकानों में फायर एक्सटिंग्विशर जरूर रखें।










