रांची:
रांची पुलिस ने कोडीन युक्त कफ सीरप की अवैध अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय तस्करी से जुड़े एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। इस संगठित गिरोह का संचालन रांची से किया जा रहा था, जिसका मास्टरमाइंड भोला जायसवाल बताया जा रहा है। यूपी पुलिस की जांच में खुलासा हुआ है कि जायसवाल फर्जी बिल्टी और कागजी मेडिकल फर्मों के सहारे प्रतिबंधित कफ सीरप की बड़ी खेप पड़ोसी देश बांग्लादेश तक भेज रहा था।
7 लोगों और फर्मों के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी
इस मामले में उत्तर प्रदेश पुलिस ने चंदौली जिले के मुगलसराय क्षेत्र में 7 व्यक्तियों और फर्मों के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया है। जांच में सामने आया है कि ये सभी लोग फर्जी दस्तावेजों के जरिए तस्करी के नेटवर्क को कवर दे रहे थे।
जिनके खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी हुआ:
- अंजलि रानी कसेरा – समृद्धि इंटरप्राइजेज
- आलोक प्रजापति – चॉइस डिस्ट्रीब्यूटर्स
- सबा परवीन – मेसर्स एसपी फार्मा
- आकाश गुप्ता – विष्णु मेडिकल एजेंसी
- स्वप्निल केसरी – न्यू केसरी मेडिकल एजेंसी
- शैली ट्रेडर्स – मुख्य फर्म (लाइसेंस और बिल्टी बेचने का रैकेट)
फिजिकल जांच में मेडिकल स्टोर फर्जी निकले
पुलिस द्वारा की गई फिजिकल इंस्पेक्शन में चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है। जांच में यह स्पष्ट हुआ कि उपरोक्त नामों से पंजीकृत कोई भी मेडिकल स्टोर वास्तव में संचालित नहीं था। इसके बावजूद इन्हीं फर्जी फर्मों के दस्तावेजों के आधार पर कोडीन कफ सीरप की अवैध खेप के लिए बिल्टियां तैयार की जाती थीं।
लाइसेंस और फर्जी बिल्टी के बदले मोटी रकम
जांच एजेंसियों के अनुसार, संबंधित लोग खुद दवा व्यवसाय में सक्रिय नहीं थे। वे केवल ड्रग लाइसेंस और फर्जी बिल्टी उपलब्ध कराने के बदले तस्करों से हर महीने मोटी रकम वसूलते थे। इस तरह कागजी जालसाजी के जरिए वे अंतरराष्ट्रीय मादक पदार्थ तस्करी नेटवर्क का अहम हिस्सा बने हुए थे।
तुपुदाना में शैली ट्रेडर्स पर छापेमारी
गौरतलब है कि रांची पुलिस ने 23 दिसंबर को तुपुदाना इंडस्ट्रियल एरिया स्थित शैली ट्रेडर्स पर छापा मारा था। यह कार्रवाई प्रतिबंधित कफ सीरप मामले की जांच के तहत की गई थी। पुलिस ने तीन अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी कर बड़ी मात्रा में दस्तावेज, ब्लैंक चेक और दो हथियार बरामद किए थे।
बरामद दस्तावेजों से अंतरराज्यीय मनी ट्रेल, सप्लाई चेन और तस्करी नेटवर्क से जुड़े कई अहम सुराग मिले हैं। इससे पहले प्रवर्तन निदेशालय (ED) भी शैली ट्रेडर्स के ठिकानों पर छापेमारी कर चुका है।









