रिपोर्ट - चंदन वर्मा
रांची: झारखंड की राजधानी रांची और आसपास के इलाकों में कड़ाके की ठंड और शीतलहर ने आम जनजीवन को प्रभावित कर रखा है। विशेष रूप से ग्रामीण इलाकों में गरीब जनता को इस भीषण ठंड से बचने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। ऐसे में मानवता की सेवा के लिए वनवासी कल्याण केंद्र एक बार फिर आगे आया है। संस्था द्वारा जरूरतमंदों को राहत पहुंचाने के लिए व्यापक स्तर पर कंबल वितरण अभियान चलाया जा रहा है।
हर प्रखंड तक पहुँच रही है राहत सामग्री
वनवासी कल्याण केंद्र ने इस वर्ष ठंड के प्रकोप को देखते हुए रांची जिला के प्रत्येक प्रखंड में राहत सामग्री पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। जन कल्याण के इस कार्य को धरातल पर उतारने के लिए संस्था की टीमें सक्रिय रूप से कार्य कर रही हैं। इसी कड़ी में बीते दिनों नामकुम प्रखंड के अंतर्गत आने वाले हाहाप पंचायत में विशेष शिविर लगाया गया।
नामकुम के उलीडीह मौजा में हुआ वितरण
संस्था की कार्यकर्ता सुमन मिश्रा के नेतृत्व में एक टीम नामकुम के हाहाप पंचायत पहुंची। यहाँ उलीडीह मौजा के 5 अलग-अलग टोलों में रहने वाले गरीब और जरूरतमंद ग्रामीणों के बीच सैकड़ों कंबलों का वितरण किया गया। इस दौरान न केवल कंबल, बल्कि ठंड से बचाव के लिए अन्य गर्म कपड़े भी लोगों को उपलब्ध कराए गए।
वरिष्ठ नागरिकों का रखा गया विशेष ध्यान
वितरण कार्यक्रम के दौरान गाँव के बुजुर्गों और वरिष्ठ नागरिकों को प्राथमिकता दी गई। भीषण ठंड में स्वास्थ्य के प्रति संवेदनशील इन वरिष्ठ नागरिकों ने संस्था के इस प्रयास की सराहना की। कार्यक्रम में मुख्य रूप से निम्नलिखित गणमान्य और ग्रामीण उपस्थित थे:
- संदीप टुटी
- प्रेम हस्सा
- सिलास टूटी
- गोपाल हजाम
- दसई पहान
- सोम्बरा हंसा
- सुमित लकड़ा
सामाजिक संस्थाओं की भूमिका अहम
रांची में पारा गिरने के साथ ही गरीब तबके के लिए रातें काटना मुश्किल हो जाता है। वनवासी कल्याण केंद्र जैसी आदिवासी संस्थाएं ऐसे समय में ढाल बनकर सामने आती हैं। संस्था के सदस्यों का कहना है कि उनका उद्देश्य अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक मदद पहुँचाना है, ताकि कोई भी संसाधनों के अभाव में ठंड का शिकार न हो।










